महिंद्रा और गंगामाई इंडस्ट्रीज के बीच एआई से गन्ना कटाई की साझेदारी
एआई-आधारित गन्ने की फसल कटाई के लिए गंगामाई इंडस्ट्रीज ने महिंद्रा के साथ की साझेदारी
एआई-आधारित कटाई योजना : कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का तेजी से प्रयोग बढ़ रहा है। वर्तमान में एआई- आधारित कृषि ट्रैक्टर सहित अन्य यंत्रों ने किसानों की उत्पादकता और मुनाफा दोनों को बढ़ाया है। इस बीच अब देश के दूसरे सबसे बड़े गन्ना उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में गन्ने की फसल कटाई (हार्वेस्टिंग) की तस्वीर बदलने वाली है। क्योंकि राज्य में संचालित चीनी मिलों ने अब गन्ने की कटाई के लिए एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) और रिमोट सेंसिंग प्रोद्योगिकी पर ध्यान केंद्रित कर रही है। ऐसे में प्रदेश की गंगामाई शुगर मिल ने महिंद्रा एंड महिंद्रा के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इसमें महाराष्ट्र का पहला निजी शुगर मिल (private sugar mill) बनने का गौरव प्राप्त किया है, जिसने गन्ने की कटाई योजना के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और रिमोट सेंसिंग तकनीक को अपनाया है। गंगामाई इंडस्ट्रीज और महिंद्रा के बीच यह नई टेक साझेदारी उन्नत कृषि तकनीकों में उनकी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए उत्पादकता में सुधार करने के लिए लागू की गई है।
उपग्रह इमेजिंग और एआई उपकरण (Satellite Imaging and AI Tools)
यह सहयोग भारत के सुगर इंडस्ट्रीज में स्थायी कृषि प्रथाओं के लिए एक मापदंड स्थापित करती है और किसानों को बेहतर उत्पादकता और लाभप्रदता के लिए नवाचार उपकरण प्रदान करती है। महिंद्रा ने इस परियोजना के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें गन्ने की निगरानी और विश्लेषण हेतु उपग्रह इमेजिंग और एआई उपकरण प्रदान किए गए। विशेषज्ञों की टीम ने गंगामाई चीनी मिल के साथ मिलकर परियोजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत की। यह एडवांस तकनीक गन्ने की फसल के वेजिटेशन इंडेक्स का आकलन करने के लिए मल्टीस्पेक्ट्रल सैटेलाइट डेटा का उपयोग करती है। इसमें मौसम की स्थितियों को ध्यान में रखा जाता है। एक एआई मॉडल इस डेटा को प्रोसेस करके 95 फीसदी सटीकता के साथ चीनी की रिकवरी दरों की भविष्यवाणी करता है। इसे गंगामाई के प्रयोगशाला में साप्ताहिक रूप से मान्यता प्राप्त की जाती है।
पैदावार सुधारने के लिए समय रहते मिला मौका (Timely opportunity to improve production)
एआई-आधारित गन्ने कटाई की इस सटीक परियोजना के परिणामस्वरूप चीनी रिकवरी में में महत्वपूर्ण वृद्धि और परिचालन लागत में कमी आई है। इसके अतिरिक्त, 1,500 किसानों के खेतों की सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के माध्यम से कीटों के हमलों और पानी के तनाव की निगरानी की गई। इस अभिनव पहल ने समय रहते चेतावनियां दी, जिससे किसानों को फसल की सुरक्षा और पैदावार सुधारने के लिए त्वरित कार्रवाई करने का मौका मिला।
2024-25 मौसम में मुख्य उपलब्धियां (Key achievements in the 2024-25 season)
- एआई-आधारित कटाई योजना : महाराष्ट्र के निजी चीनी सेक्टर में अपनी तरह की एक नई शुरुआत।
- कुल पेराई : 8,80,975 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की गई, जिसमें चीनी पुनः प्राप्ति दर 10 प्रतिशत से अधिक रही ।
- बेहतर चीनी की रिकवरी : पिछले वर्ष की तुलना में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई।
- सैटेलाइट आधारित निगरानी : किसानों को कीटों और बीमारियों के लिए समय से जल्दी चेतावनी, जिससे समय पर बेहतर फसल प्रबंधन संभव हुआ।
- इसके अलावा, प्रोद्योगिकी प्रगति से परे, गंगामाई इंडस्ट्रीज ने किसानों को बेहतर चीनी रिकवरी दरों और बेहतर उचित और पारिश्रमिक मूल्य (एफआरी) भुगतान सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए हैं।
महिंद्रा एआई-आधारित कटाई का उपयोग करने वाली पहली कंपनी (Mahindra first company to use AI-based harvesting)
गन्ने की फसल कटाई में क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से, महिंद्रा एंड महिंद्रा ने चार साल से अधिक समय तक विभिन्न गन्ना मिलों के साथ काम किया है और यह भारत में एआई-आधारित कटाई का उपयोग करने वाली पहली कंपनी है। महिंद्रा उन्नत सटीकता वाली कृषि विधियों का उपयोग करता है, साथ ही स्पेक्ट्रोमेट्री और उपग्रह इमेजिंग का संयोजन करके गन्ने की फसल में चीनी की मात्रा को सटीक रूप से निर्धारित करता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एल्गोरिदम फसल की पत्तियों के फोटोसिंथेटिक घटकों का विश्लेषण करता है, जिससे परिपक्वता के चरणों की पहचान की जा सके तथा यह निर्धारित किया जा सके कि अधिकतम चीनी उपज एवं अंततः किसानों की आय में वृद्धि के लिए कटाई कब करना सबसे उपयुक्त होगा।
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