मुर्गी पालन : प्लायमाउथ रॉक मुर्गी से मिलेंगे 250 अंडे, कमाई का बेहतर मौका

पोस्ट -08 सितम्बर 2022 शेयर पोस्ट

उत्तम अंडे उत्पादन और सेहतमंद मांस के लिए प्लायमाउथ रॉक मुर्गी नस्ल का करें पालन

भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। लेकिन पिछले कुछ सालों पहले तक खेती को घाटे का सौदा माना जाता था, लेकिन अब कई ऐसे लोग हैं जो खेती करके ही लाखों रुपये कमा रहे हैं। कई लोगों ने तो नौकरी छोड़कर खेती-किसानी को ही अपना पेशा बना लिया है। लोग खेती-बाड़ी के अलावा साइड इनकम के लिए पशुपालन, मुर्गीपालन और मछली पालन आदि का बिजनेस कर अच्छी खासी साइड इनकम भी कर रहे हैं। इन दिनों कृषि व्यवसाय में मुर्गी पालन को एक बहुत अच्छा व्यवसाय माना जा रहा है। पहले के समय में भी लोग गाय, भैंस, भेड़ आदि जानवरों को पालते थे और इनसे लाभ कमाते थे। परंतु वर्तमान समय में मुर्गी का पालन भी एक ऐसा व्यवसाय बन गया है, जो व्यक्ति को एक अतिरिक्त आय का साधन प्रदान करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में मुर्गी पालन एक प्रमुख व्यवसाय के रूप में उभरा है। किसानों की आमदनी बढ़ाने में यह व्यवसाय काफी कारगर है। मुर्गी पालन व्यवसाय खेती के साथ आसानी से किया जा सकता है। ऐसे में हम आपको एक मुर्गी के नस्ल के बारे में जानकारी देने जा रहे है, जो एक साल में करीब 250 अंडे तक देती है। इसके अंडे का औसत वजन करीब 60 ग्राम होता है और इसके शरीक वजन की बात करे, तो यह 3-3.50 किलोग्राम तक की होती है। मुर्गियों की नस्ल को प्लायमाउथ रॉक के नाम से जाना जाता है। यह नस्ल मुर्गियां व्यवसाय के लिए उत्तम मानी जाती है, क्योंकि इस नस्ल की मुर्गी से आप बेहद कम खर्च में और छोटे स्तर पर पालन कर पोल्ट्री फार्म शुरु करके बंपर मुनाफा कमा सकते हैं। ऐसे में प्लायमाउथ रॉक मुर्गियां का पालन अच्छी कमाई का साधन बन सकता है। तो आइए ट्रैक्टरगुरु के इस लेख के माध्यम से प्लायमाउथ रॉक मुर्गी नस्ल एवं अन्य और भी नस्लों की मुर्गियों के बारे में जानते है।  

मुर्गी पालन व्यवसाय 

मुर्गी पालन करने के लिए सबसे पहले हमें इसके बारे में एक अच्छी जानकारी होना बहुत जरुरी है। अन्यथा आपको घाटा उठाना पड़ सकता है। यदि आप इसे व्यवसायिक स्तर पर करना चाहते हैं, तो जिले के कृषि विज्ञान केंद्र या पशुपालन विभाग से जरूर संपर्क करें। अंडे और मांस की बढ़ती मांग के कारण ये व्यवसाय गांव से लेकर शहरों तक काफी फेमस हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में निम्न स्तर पर मुर्गी पालन का व्यवसाय किया जा सकता है और अधिक से अधिक लाभ कमाया जा सकता है। मुर्गी पालन का व्यवसाय अधिकतर अंडे एवं मांस उत्पादन के लिए किया जाता है क्योकि देशी मुर्गी के अंडे तथा मांस में मानव पोषण के लिए सबसे आवश्यक तत्व, प्रोटीन बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है। भारत में दिन-प्रतिदिन मुर्गी पालन के व्यवसाय का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। भारत अंडों के उत्पाद में तीसरे नंबर पर और मांस के उत्पाद में पांचवें नंबर पर है। ऐसे में सरकार द्वारा पशुपालन, मुर्गी पालन बिजनेस के लिए सब्सिडी भी देती है।  

मुर्गियों की उन्नत नस्लें

सबसे सफल मुर्गी पालन व्यवसाय वहीं है, जिसमें नुकसान की संभावना कम हो और मुर्गियों से अंडे और मांस का बढ़िया उत्पादन मिल सके। इसके लिये सबसे जरूरी है कि मुर्गियों की उन्नत नस्लों का चुना जाये, ताकि अच्छी मात्रा में बढिया क्वालिटी के अंडों का उत्पादन मिल सके। बता दें कि अच्छी नस्ल की मुर्गियों में बीमारियों की संभावना नहीं रहती, जिसके चलते पोल्ट्री फार्मिंग व्यवसाय काफी सुविधाजनक बन जाता है। मुर्गी पालन में मुर्गियों की यह 9 नस्लें किसानों के लिये वरदान साबित होती हैं। इनमें उपकारिक मुर्गी, प्लायमाउथ रॉक मुर्गी, ओपिंगटन मुर्गी, झारसी मुर्गी, प्रतापधानी मुर्गी, बैंटम मुर्गी, कामरूप मुर्गी, कैरी श्यामा मुर्गी और कैरी निर्भय मुर्गियां शामिल है।

प्लायमाउथ रॉक मुर्गी 

मुर्गी पालन व्यवसाय में मुर्गियों की नस्ल में प्लायमाउथ रॉक मुर्गी नस्ल सबसे उत्तम मानी जाती है, क्योंकि इस नस्ल की मुर्गी से आपको साल में लगभग 250 अंडे तक प्राप्त होते हैं। प्लायमाउथ रॉक मुर्गी को अमेरिकन नस्ल के नाम से भी जाने है। प्लायमाउथ रॉक मुर्गी का पालन अण्डे के लिए सबसे उत्तम है। इस मुर्गी के एक ही अंडे का वजन करीब 60 ग्राम तक होता है। मुर्गी का वजन 3 किलोग्राम तक होता है, जो अपनी लाल चोटी और लाल कान और पीले रंग की चौंच से पहचानी जाती है। यह मुर्गी काफी शांत स्वभावी होती है, जिसे बैठने और आराम करने के बजाय घूमना-फिरना पसंद होता है। प्लायमाउथ रॉक मुर्गी भी अलग-अलग रंगों की होती हैं, जिन्हें ब्लैक फ्रिज़ल, ब्लू, पार्ट्रिज और कोलंबियन, रॉक बर्रेड रॉक भी कहते हैं। सिर्फ अंडे ही नहीं, बाजार में इसका सेहतमंद मांस भी काफी अच्छे दामों पर बिकता है, जिससे कम समय में भी किसानों अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।

मुर्गियों की सुरक्षा के आवश्यक उपाय

  • मुर्गियों के आवास का द्वार पूर्व या दक्षिण पूर्व की ओर होना अधिक ठीक रहता है जिससे तेज चलने वाली पिछवा हवा सीधी आवास में न आ सके।

  • आवास के सामने छायादार वृक्ष लगवा देने चाहिए ताकि बाहर निकलने पर मुर्गियों को छाया मिल सके।

  • आवास का आकार बड़ा होना चाहिए ताकि उसमें पर्याप्त शुद्ध हवा पहुंच सके और सीलन न रहे।

  • मुर्गियां समय पर चारा चुग सके, इसलिए बड़े-बड़े टोकरे बनाकर रख लेने चाहिए। 

  • मुर्गी फार्म की मिट्टी समय-समय पर बदलते रहना चाहिए और जिस स्थान पर रोगी कीटाणुओं की संभावना हो वहां से मुर्गियों को हटा देना चाहिए।

  • एक मुर्गी फार्म से दूसरे मुर्गी फार्म में दूरी रहनी चाहिए। साथ ही पानी की उचित व्यवस्था करें। मुर्गियों को पानी की बहुत ही जरूरी होता है। अगर आप गर्मी के मौसम में मुर्गी के व्यवसाय से अधिक मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो ऐसे स्थान का चुनाव करें जहां पानी उनके लिए उचित मात्रा में हो। 

ट्रैक्टरगुरु आपको अपडेट रखने के लिए हर माह महिंद्रा ट्रैक्टर  व फार्मट्रैक ट्रैक्टर कंपनियों सहित अन्य ट्रैक्टर कंपनियों की मासिक सेल्स रिपोर्ट प्रकाशित करता है। ट्रैक्टर्स सेल्स रिपोर्ट में ट्रैक्टर की थोक व खुदरा बिक्री की राज्यवार, जिलेवार, एचपी के अनुसार जानकारी दी जाती है। साथ ही ट्रैक्टरगुरु आपको सेल्स रिपोर्ट की मासिक सदस्यता भी प्रदान करता है। अगर आप मासिक सदस्यता प्राप्त करना चाहते हैं तो हमसे संपर्क करें।

Website - TractorGuru.in
Instagram - https://bit.ly/3wcqzqM
FaceBook - https://bit.ly/3KUyG0y

`

Quick Links

Popular Tractor Brands

Most Searched Tractors