लगातार 2-3 फसल सीजन के बाद खेत की मिट्टी सख्त होने लगती है, जिसे हार्ड पैन या कॉम्पैक्टेड लेयर कहा जाता है। यह परत पौधों की जड़ों की बढ़वार और पानी के नीचे जाने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में गहरी जुताई करके मिट्टी की निचली परत को ढीला करना जरूरी हो जाता है, ताकि मिट्टी में पानी का रिसाव भी बेहतर हो सके और फसल की अच्छी बढ़वार में मदद मिले। खेत की गहरी जुताई के लिए सबसॉइलर (Subsoiler) एक उपयोगी कृषि उपकरण है। यह सामान्य हल या कल्टीवेटर की तुलना में अधिक गहराई तक जाकर मिट्टी की सख्त परत को तोड़ता है। इससे मिट्टी में दरारें बनती हैं, जिससे पौधों की जड़ों को फैलने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है और मिट्टी में पानी का रिसाव भी बेहतर होता है।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अनुसार भी सबसॉइलर हार्ड पैन को तोड़ने और मिट्टी में बेहतर जल निकास की स्थिति बनाने के लिए उपयोगी प्राथमिक जुताई उपकरण है। आइए, इस गाइड लेख में जानते हैं कि सबसॉइलर क्या है, यह मिट्टी की सख्त परत को कैसे तोड़ता है, मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में कैसे मदद करता है और खेत में इसके इस्तेमाल के क्या फायदे हैं।
सबसॉइलर एक ट्रैक्टर-चलित कृषि यंत्र है, जिसे मिट्टी की ऊपरी परत के नीचे कठोर पड़ चुकी मिट्टी को तोड़ने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें मजबूत शैंक या रॉड लगी होती है, जो मिट्टी में गहराई तक जाकर कॉम्पैक्ट (सख्त) हो चुकी परत को तोड़ने का काम करती है। इन-लाइन सबसॉइलिंग को डीप-जोन टिलेज भी कहा जाता है। ऐसे उपकरण मिट्टी में गहरी और संकरी दरारें बनाकर सख्त हो चुके हिस्से को तोड़ते हैं, जबकि सतह पर मौजूद फसल के अवशेषों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाते। आमतौर पर सबसॉइलर 12 से 36 इंच (करीब 30 से 90 सेंटीमीटर यानी 1 से 3 फीट) तक की गहराई में मिट्टी की परत तोड़ सकता है।
खेत की मिट्टी में सख्त परत बनने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें भारी कृषि मशीनों की लगातार आवाजाही और रोटावेटर जैसे कृषि उपकरणों से एक ही गहराई पर बार-बार जुताई करना प्रमुख कारण हैं। हार्ड पैन बनने से मिट्टी के बड़े छिद्र कम हो सकते हैं, जिससे पानी का मिट्टी में नीचे जाना और पौधों की जड़ों का गहराई तक बढ़ना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में सबसॉइलर उपयोगी कृषि उपकरण हो सकता है। इसके मजबूत शैंक मिट्टी की सख्त परत को गहराई तक चीरकर उसमें दरारें बनाने में मदद करते हैं। इससे मिट्टी ढीली होती है और पानी व जड़ों के नीचे जाने के लिए रास्ता बन सकता है। सबसॉइलर की गहराई खेत में मौजूद हार्ड पैन की गहराई के अनुसार तय करनी चाहिए।
आमतौर पर डीप सबसॉइलिंग 12 से 20 इंच तक की गहराई पर की जा सकती है, हालांकि सही गहराई मिट्टी के प्रकार और कॉम्पैक्शन की स्थिति पर निर्भर करती है। इसलिए विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार पहले खेत में सख्त परत की गहराई का पता लगाएं। इसके बाद सबसॉइलर के शैंक को उस परत से करीब 1–2 इंच नीचे चलाने से सख्त परत को प्रभावी ढंग से तोड़ने की रणनीति अपनाई जा सकती है।
सबसॉइलर (Subsoiler) सख्त परत को चीरकर मिट्टी को फिर से उपजाऊ बनाता है। खेत में इसके इस्तेमाल के 6 बड़े फायदे नीचे इस प्रकार है।
सबसॉइलर का मजबूत और नुकीला शैंक (Shank) मिट्टी में 1.5 से 2 फीट तक गहराई में उतरता है। यह नीचे दबी कड़क परत (कॉम्पैक्टेड लेयर) को फोड़कर गहरी दरारें बना देता है, जिससे जड़ों और पानी के लिए नीचे जाने के बंद रास्ते खुल जाते हैं।
सबसॉइलिंग से मिट्टी नीचे से खुली और भुरभुरी होती है, जिससे जड़ें रुकावट के बिना गहराई तक जाती हैं। गहरी और स्वस्थ जड़ें मिट्टी के निचले हिस्से से भी नमी और पोषक तत्व खींचती हैं, जिससे फसल सूखे या तेज हवा में गिरती नहीं है।
कड़क मिट्टी परत में पानी का नीचे जाना धीमा हो सकता है। सबसॉइलर से हार्ड पैन टूटने पर मिट्टी में बने चैनलों के जरिए पानी के नीचे जाने की क्षमता बेहतर हो सकती है। सबसॉइलर से की गई गहरी जुताई मिट्टी में पानी के बेहतर प्रवेश और जल निकास की स्थिति बनाने में मदद करती है।
बारिश या सिंचाई के बाद पानी लंबे समय तक ऊपर जमा रह सकता है। हार्ड पैन टूटने से पानी के प्रवेश में सुधार हो सकता है। हालांकि, अगर खेत में जलभराव का मुख्य कारण खराब जल निकासी (ड्रेनेज) है, तो केवल सबसॉइलर इसका स्थायी समाधान नहीं है। ऐसी स्थिति में खेत का ढलान ठीक करें और चारों तरफ उचित जल निकासी नाली भी जरूर बनाएं।
सख्त (कॉम्पैक्टेड) मिट्टी में बड़े छिद्रों की संख्या कम हो जाती है, जिससे हवा, पानी और केंचुए जैसे मित्र जीवाणु की आवाजाही प्रभावित होती है। मिट्टी की सख्त परत टूटने के बाद उसमें हवा और पानी के आवागमन के लिए बेहतर जगह बन सकती है। इससे मिट्टी में मौजूद जैविक गतिविधियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में मदद मिलती है।
ICAR के कृषि विशेषज्ञों के अनुसार एक ही गहराई पर बार-बार रोटावेटर चलाने से मिट्टी की निचली परत में सख्त परत यानी टिलेज पैन बन सकती है। इसलिए जरूरत के अनुसार हर 2 से 3 साल में एक बार सबसॉइलर चलाने से यह सख्त परत पूरी तरह टूट जाती है और मिट्टी की संरचना बेहतर हो सकती है। इसके अलावा, कृषि विशेषज्ञ किसानों को रोटावेटर का बार-बार और बिना जरूरत इस्तेमाल करने से बचने की सलाह भी देते हैं।
सबसॉइलर का इस्तेमाल उन खेतों में अधिक उपयोगी हो सकता है, जहां मिट्टी के नीचे हार्ड पैन या सख्त परत बन गई हो, भारी मशीनों की लगातार आवाजाही से मिट्टी दब गई हो, बारिश या सिंचाई के बाद जलभराव की समस्या रहती हो या पौधों की जड़ें एक निश्चित गहराई के बाद आगे नहीं बढ़ पा रही हों, तो ऐसी स्थिति में सबसॉइलर के इस्तेमाल पर विचार किया जा सकता है।
हालांकि, सबसॉइलर को हर साल चलाना जरूरी नहीं है। कुछ परिस्थितियों में 2 से 3 साल के अंतराल पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन सही समय खेत की मिट्टी और कॉम्पैक्शन की स्थिति पर निर्भर करता है। केवल गहरी जुताई करने के लिए हर साल सबसॉइलर चलाना सही तरीका नहीं है। शोध में भी अलग-अलग परिस्थितियों में सबसॉइलिंग से पैदावार में मिलने वाला लाभ सीमित और असमान पाया गया है। इसलिए जरूरत और खेत की स्थिति के अनुसार ही सबसॉइलर का इस्तेमाल करना बेहतर तरीका है।
सबसॉइलर सामान्य कृषि उपकरणों की तुलना में ज्यादा गहराई तक काम करता है, इसलिए इसे खींचने (Pulling) के लिए ट्रैक्टर को अधिक ड्रॉबार पावर (Pulling Power) की जरूरत पड़ सकती है। आमतौर पर सबसॉइलर चलाने के लिए 40 से 135 HP तक के ट्रैक्टरों का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, सही ट्रैक्टर की जरूरत सबसॉइलर के आकार और टाइन (फार या ब्लेड) की संख्या पर निर्भर करती है।
छोटे और हल्के सबसॉइलर (1 से 2 टाइन) के लिए करीब 40–50 हार्सपावर (HP) के ट्रैक्टर उपयुक्त हो सकते हैं। वहीं, मध्यम और भारी सबसॉइलर (3 से 5 टाइन या हैवी-ड्यूटी मॉडल) के लिए लगभग 50 से 135 HP तक के ट्रैक्टरों की जरूरत पड़ सकती है। भारत में खासकर 55 एचपी से अधिक के 4WD ट्रैक्टर मॉडल भारी सबसॉइलर को खींचने के लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
सबसॉइलर से की गई गहरी जुताई मिट्टी की सख्त परत (हार्ड पैन) को तोड़ने में उपयोगी हो सकती है। इससे कड़क (कॉम्पैक्टेड) मिट्टी में पौधों की जड़ों की बढ़वार, पानी के मिट्टी में नीचे जाने और हवा के आवागमन के लिए बेहतर वातावरण बनाने में मदद मिल सकती है। ICAR भी सबसॉइलर को हार्ड पैन तोड़ने और मिट्टी में बेहतर जल निकास की स्थिति बनाने वाला उपयोगी कृषि उपकरण मानता है।
हालांकि, हर खेत में हर साल सबसॉइलर चलाना जरूरी नहीं है। सबसे पहले यह जांचना चाहिए कि खेत की मिट्टी में वास्तव में हार्ड पैन या गहरी कॉम्पैक्शन की समस्या है या नहीं। जरूरत के हिसाब और मिट्टी में सही नमी की स्थिति में की गई गहरी जुताई ही किसानों के लिए ज्यादा उपयोगी साबित हो सकती है।
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