कृषि क्षेत्र में सिंचाई को सुलभ बनाने के साथ ही किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार बड़ा कदम उठा रही है। अब हर गांव में कृषि नलकूपों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा, जिससे किसानों को बिजली पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इस योजना के अंतर्गत आगामी 6 महीनों में करीब 70 हजार किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। सोलर आधारित इस सिंचाई व्यवस्था के लिए सरकार द्वारा किसानों को अनुदान पर सोलर पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे किसानों की सिंचाई लागत घटेगी, पर्यावरण को भी लाभ पहुंचेगा और खेती अधिक टिकाऊ बनेगी। आइए, जानें कि सोलर पंप कितनी मिलेगी सब्सिडी और योजना में कैसे करें आवेदन।
सिंचाई की सुविधाओं को सुलभ बनाने और फसल उत्पादन की लागत को कम करने की दिशा में हरियाणा सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM–KUSUM) योजना के माध्यम से किसानों को अनुदान पर सोलर पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, सोलर पॉवर प्लांट से भी किसानों को सस्ती बिजली आपूर्ति कराने का भी काम किया जा रहा है। इसी क्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के सभी कृषि नलकूपों को चरणबद्ध रूप से पूरी तरह सौर ऊर्जा से जोड़ने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश चंडीगढ़ में आयोजित पीएम कुसुम (PM-KUSUM) योजना की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (HPGCL) प्रदेश के हर जिले में कम से कम दो कृषि फीडरों के सौरकरण के लिए पांच-पांच एकड़ भूमि चिह्नित करे। इन स्थलों पर सोलर पैनल स्थापित कर कृषि नलकूपों को सौर ऊर्जा से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। सरकार की इस पहल से किसानों को सिंचाई के लिए वैकल्पिक और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा स्रोत मिलेगा, जिससे उनकी बिजली लागत में कमी आएगी। साथ ही, यह योजना नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे राज्य कृषि क्षेत्र में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों द्वारा सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी, वहां सोलर पैनल (Solar Panel) इस प्रकार लगाए जाएं कि उनका ढांचा 'कल्याणम मंडपम' के रूप में भी कार्य करे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह, सामुदायिक बैठक जैसे सामाजिक आयोजन के लिए स्थान उपलब्ध कराया जा सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की मंडियों के शेड्स और हरियाणा भंडारण निगम के गोदामों की छतों पर भी सौर ऊर्जा पैनल (सोलर पॉवर पैनल) स्थापित किए जाएंगे, जिससे उत्पन्न बिजली को आवश्यकतानुसार कृषि कार्यों में उपयोग किया जाएगा।
बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह के अनुसार, वर्ष 2018-19 से लागू पीएम-कुसुम (PM–KUSUM) योजना के माध्यम से अब तक हरियाणा में लगभग 1.58 लाख से अधिक सोलर पंप स्थापित किए जा चुके हैं। इस योजना के अंतर्गत सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य में अनुदान पर 70,000 नए सोलर पंप लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए लगभग 600 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। पीएम-कुसुम योजना के तहत 3 एचपी से लेकर 10 हार्सपावर (एच.पी.) क्षमता के सोलर पंपों की लागत 1.41 लाख रुपए आती है। योजना के तहत किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए 75 प्रतिशत का अनुदान दिया जाता है। इसमें लागत का 25% हिस्सा किसान द्वारा स्वयं वहन किया जाता है, शेष 30 % राशि केंद्र सरकार और 45 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में वहन की जाती है।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, हरियाणा सरकार प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महा अभियान (पीएम-कुसुम) योजना के तहत किसानों को 3 एचपी से 10 एचपी क्षमता तक के सोलर पंप पर 75 प्रतिशत तक की सब्सिडी देती है। योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान सरकार के सरल पोर्टल (saralharyana.gov.in) पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
जल स्तर और सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली :
आवश्यक दस्तावेज :
अनुदान का लाभ लेने के लिए किसान के पास निम्नलिखित दस्तावेजों का होना अनिवार्य है:-
Website - TractorGuru.in
Instagram - TractorGuru Instagram Page
Facebook - TractorGuru Facebook Page
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