संरक्षित खेती तकनीक किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो रही है। किसान पॉली हाउस, शेड नेट हाउस, ग्रीन हाउस संरचना में सब्जियों, फूलों व फलों आदि उद्यानिकी फसलों की खेतीकर अधिक आमदनी अर्जित कर सकते हैं। लेकिन, छोटी जोत वाले किसानों के लिए इसमें निवेश करना काफी मुश्किल होता है। ऐसे में पॉली हाउस एवं अन्य तकनीकी सुविधाओं पर सरकारी सहयोग किसानों की इस मुश्किल का कम कर सकती है।
राजस्थान सरकार द्वारा हाई टेक तकनीक (Hi-tech technology) से पॉली हाउस की स्थापना के लिए किसानों को 95 प्रतिशत तक अनुदान और तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि नई तकनीक से पॉली हाउस का निर्माण कर उसमें संरक्षित खेती कर सकें और अधिक मुनाफा अर्जित कर सके। इस बीच राजस्थान के कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के शासन सचिव राजन विशाल ने बीकानेर के लुणकरणसर में स्थापित कृषि विज्ञान केन्द्र, ग्राह्य परीक्षण केन्द्र (एटीसी), आरओसीएल जैतून फार्म और ग्राम सहनिवाला में उन्नत उद्यानिकी तकनीक द्वारा निर्माण किए जा रहे हाई-टेक हॉर्टिकल्चर मॉडल क्लस्टर का दौरा किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कृषि एवं उद्यानिकी शासन सचिव ने कृषि विज्ञान केन्द्र लुणकरनसर का दौरा कर संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने वार्षिक कैलेण्डर के मुताबिक, विश्वविद्यालय व कृषि उद्यान विभाग के परस्पर समन्वय से किसानों के लिए प्रभावी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करवाने पर बल दिया। जिससे कृषि विज्ञान केन्द्र का समुचित लाभ क्षेत्र के किसानों को ज्यादा से ज्यादा मिल सकें। शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी विभाग ने जैतून फ़ार्म व तेल प्रसंस्करण इकाई आरओसीएल की गतिविधियों का निरीक्षण किया और जैतून उत्पादक किसानों से प्राप्त जैतून फल से समय पर तेल निकलवाने हेतु निर्देश दिए। जैतून फार्म प्रभारी ने प्रोसेस यूनिट स्थापना से अब तक उत्पादित तेल का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इसके बाद कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के शासन सचिव ने ग्राहय परीक्षण केंद्र लुणकरनसर का भी निरीक्षण किया।
शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी ने बताया कि राज्य सरकार हाई टेक तकनीक से इजराइल की तर्ज पर पॉली हाउस का निर्माण कर रही है, जिससे किसानों को उन्नत किस्मों के रोग रहित पौधे उपलब्ध कराने के साथ ही फसलों का उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, किसान भी नई तकनीक (New technology) से पॉली हाउस का निर्माण कर उसमें खेती कर सकें, इसके लिए सरकार द्वारा किसानों को प्रशिक्षण और अनुदान भी दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बीकानेर का ग्राम सहनीवाला ब्लॉक लूणकरणसर का हाई-टेक हार्टिकल्चर मॉडल क्लस्टर के लिए चयन किया गया है। जिसमें 30 चयनित किसानों को हाई-टेक पॉली हाउस, शेड नेट हाउस, लॉ-टनल, प्लास्टिक मल्च, एकल जल स्त्रोत, सामुदायिक जल स्त्रोत, सोलर पंप व ड्रीप संयंत्र में से पॉली हाउस, शेडनेट हाउस के साथ न्यूनतम अन्य कोई चार घटक से लाभान्वित किया जा रहा है। चयनित किसान को पॉली हाउस (Poly House) निर्माण के लिए 2000 वर्गमीटर निर्धारित क्षेत्र पर “राष्ट्रीय कृषि विकास योजना” के माध्यम से लघु व सीमांत श्रेणी के किसानों को 95 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।
कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के शासन सचिव राजन विशाल ने लूणकरणसर के ग्राम सहनीवाला का भी दौरा किया, जिसे उद्यान विभाग द्वारा एडवांस उद्यानिकी प्रौद्योगिकी के माध्यम से मिनी इजराइल मॉडल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उद्यान विभाग द्वारा सहनीवाला को हार्टिकल्चर मॉडल क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। किसान उन्नत तकनीकी शेड नेट हाउस, पॉली हाउस, लॉ-टनल, प्लास्टिक मल्च, एकल जल स्त्रोत, सामुदायिक जल स्त्रोत, सोलर पंप व ड्रिप सिंचाई संयंत्र अपना कर न्यूनतम लागत पर बेहतर पैदावार हासिल कर सकेंगे। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और उनके जीवन में सुधार होगा। उल्लेखनीय है कि राजस्थान उद्यान विभाग द्वारा कृषि जलवायुवीय कारक तापक्रम आर्द्रता व सूर्य के प्रकाश को नियंत्रित करके सब्जियों, फूलों व फलों आदि उद्यानिकी फसलों की खेती कर अधिक आमदनी अर्जित करने के लिए किसानों को शेडनेट हाऊस की स्थापना के लिए अनुदान दिया जा रहा है।
राजस्थान सरकार, कृषि विभाग के मुताबिक, शेडनेट हाऊस के लिए निर्धारित इकाई लागत या विभाग द्वारा अनुमोदित फर्मस की दरों में से जो भी कम होने पर अधिकतम 4000 वर्गमीटर क्षेत्र के लिए सामान्य श्रेणी से आने वाले कृषकों को 50 प्रतिशत अनुदान तथा अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के कृषकों को 70 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही अधिसूचित जनजाति क्षेत्र के किसानों के साथ-साथ राज्य के समस्त लघु- सीमान्त श्रेणी के कृषकों को 25 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान दिया जा रहा है। आवेदक के पास कृषि योग्य भू-स्वामित्व एवं सिंचाई स्त्रोत होना आवश्यक है। आवेदक ई-मित्र केन्द्र पर जाकर इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान आवेदक को आवश्यक दस्तावेज, आधार कार्ड / जनाधार कार्ड, जमाबंदी की नकल (छह माह से अधिक पुरानी नही हो), मिट्टी व पानी की जांच रिपोर्ट, अनुमोदित फर्म का कोटेशन एवं सिंचाई स्रोत का प्रमाण तथा लघु, सीमांत, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति कृषकों को अनुदान हेतु संबंधित प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
Website - TractorGuru.in
Instagram - TractorGuru Instagram Page
Facebook - TractorGuru Facebook Page
Yamaha Strengthens Prospr with Smart Weed-Control Technology
किसान मानसून की पहली बारिश से पहले करें जुताई, होगी बंपर पैदावार
गन्ने की फसल पर खतरनाक कीट का हमला, किसानों के लिए अलर्ट जारी