Fertilizer Subsidy 2025-26 : देश के करोड़ों किसानों को फादा पहुंचाने के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लिया है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में खरीफ सीजन (Kharif Season) 2025 के लिए फॉस्फेट और पोटाश आधारित उर्वरकों के लिए 37,216 करोड़ रुपए की सब्सिडी देने को मंजूरी दी है। इस सब्सिडी का उद्देश्य किसानों को सस्ती दरों पर खाद-उर्वरक उपलब्ध कराना है और कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने का प्रयास है।
कैबिनेट की बैठक के बाद सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं से कहा कि फॉस्फेट और पोटाश (P&K) आधारित उर्वरकों के लिए खरीफ सीजन 2025 (1 अप्रैल 2025 से 30 सितंबर 2025 तक) के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (NBS) दरें तय करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। रबी सीजन 2024-25 की तुलना में लगभग 13,000 करोड़ रुपये अधिक है। यह राशि फॉस्फेटिक और पोटासिक (पीएंडके) उर्वरकों पर दी जाएगी, जिसमें एनपीकेएस ग्रेड भी शामिल हैं। उर्वरक कंपनियों को अनुमोदित और अधिसूचित दरों के अनुरूप सब्सिडी प्रदान की जाएगी, ताकि किसानों को किफायती कीमतों पर पोषक तत्व उपलब्ध कराए जा सकें।
केंद्र सरकार पोषक तत्वों के निर्माताओं/ आयातकों के जरिये किसानों को सब्सिडी वाले मूल्यों पर 28 ग्रेड के पीएंडके (P&K) फर्टिलाइजर उपलब्ध करा रही है। अप्रैल 2010 से पीएंडके फर्टिलाइजर्स पर सब्सिडी की व्यवस्था एनबीएस योजना (NBS Scheme) के अंतर्गत संचालित होती है। इस योजना के तहत यूरिया, डीएपी, एमओपी और सल्फर जैसे इनपुट की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हाल के रुझान को देखते हुए P&K फर्टिलाइजर पर सब्सिडी को युक्तिसंगत बनाया गया है। एनपीकेएस (NPKS) ग्रेड सहित पीएंडके फर्टिलाइजर्स पर सब्सिडी खरीफ सीजन 2025 के लिए अनुमोदित दरों के आधार पर दी जाएगी। इसके अलावा, सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) पर माल ढुलाई सब्सिडी को भी खरीफ 2025 तक बढ़ा दिया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों पर बोझ न पड़े और डीएपी (DAP) की कीमत 1,350 रुपए प्रति 50 किलोग्राम बैग पर बनी रहे, इसके लिए सरकार ने 37,216.15 करोड़ रुपए की एनबीएस सब्सिडी को मंजूरी दी है, जिससे करोड़ों किसानों को फायदा होगा। सरकार का यह फैसला किसानों को खरीफ सीजन के दौरान आवश्यक पोषक तत्व उचित दरों पर उपलब्ध कराने में मदद करेगा, इससे स्वस्थ मिट्टी और बेहतर कृषि उत्पादन सुनिश्चित होगा। कृषि क्षेत्र के लिए इस फैसले को एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे किसानों को वित्तीय राहत मिलेगी और उनकी उत्पादन लागत कम होगी। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह किसानों को किफायती दामों पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि इससे खरीफ सीजन में डीएपी और अन्य उर्वरकों की कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी। किसानों की फसल उत्पादन लागत में कमी आएगी। इस फैसले से उर्वरकों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी का असर भी अब किसानों पर नहीं पड़ेगा। कुल मिलाकर खरीफ मौसम में किसानों को सस्ती दरों पर डीएपी की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने एनबीएस सब्सिडी दरों के अलावा डीएपी पर विशेष पैकेज प्रदान किए हैं। इसके अतिरिक्त उर्वरक विभाग लगातार संसाधन संपन्न देशों के साथ चर्चा में लगा रहता है, जिससे इन देशों से भारत में उर्वरकों कच्चे माल उत्पादों की आपूर्ति को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर बढ़ाया जा सके।
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