मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 18 जुलाई 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के मोतिहारी में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। आस लगाई जा रही है कि इसी कार्यक्रम में पीएम किसान योजना की 20वीं किस्त (PM Kisan Yojana 20th Installment Date) किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जा सकती है। इससे पहले, मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों किसानों को राहत देते हुए सिंचाई जल टैक्स पर लगने वाला ब्याज और जुर्माना माफ करने का फैसला लिया है। इस योजना के तहत राज्य सरकार करीब 84.17 करोड़ रुपए का ब्याज माफ करेगी। किसानों को यह लाभ 31 मार्च 2025 तक की बकाया राशि पर ही मिलेगा। यह ऐलान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया, जिससे लाखों किसानों को राहत मिलेगी।
मंत्री परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार- विमर्श कर जनकल्याण से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें कृषि, जनजातीय विकास, शिक्षा, निवेश, महिला सशक्तिकरण, बिजली आपूर्ति और प्रमाण-पत्र वितरण व्यवस्था में सुधार जैसे कई जनहित विषय शामिल है। सरकार ने किसानों के हित में बड़े निर्णय लेते हुए ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की लक्ष्य से अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद को स्वीकृति दी है। इसके साथ ही, सिंचाई जल कर पर लगने वाला ब्याज माफ करने का फैसला भी लिया गया है, जिससे प्रदेश के करीब 35 लाख किसानों को राहत मिलेगी। बैठक में लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त को लेकर भी फैसला लिया गया। सरकार ने ऐलान किया है कि 12 जुलाई को प्रदेश की 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में राशि हस्तांतरित की जाएगी। साथ ही रक्षाबंधन के अवसर पर 250 रुपए अतिरिक्त सहायता देने की भी घोषणा की है।
मंत्री परिषद ने प्रदेश के सभी किसानों की कृषि सिंचाई जल कर पर लगे ब्याज और जुर्माना को माफ करने का निर्णय लिया है। कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसले के मुताबिक, किसान अगर 31 मार्च, 2026 से पहले 31 मार्च, 2025 तक की कुल बकाया राशि (सिंचाई जलकर) में से मूल धन राशि एकमुश्त यानी एक साथ जमा कराते हैं, तो उनका ब्याज माफ कर दिया जाएगा। इस तरह लगभग 84 करोड़ 17 लाख रुपए का ब्याज सरकार द्वारा माफ किया जाएगा।
प्रदेश सरकार की इस योजना के अंतर्गत जल संसाधन विभाग की नहरों से सिंचाई करने वाले किसानों को विशेष राहत दी जाएगी। यह छूट केवल 31 मार्च 2025 तक की बकाया टैक्स राशि पर ही लागू होगी। इस योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जो 31 मार्च 2026 से पहले अपनी पूरी बकाया राशि (मूलधन) एक साथ जमा कर देंगे। इस राहत योजना में छोटे और बड़े – सभी श्रेणी के किसानों को शामिल किया है, ताकि अधिकतम किसानों को इसका सीधा लाभ मिल सके। सरकार के अनुसार, 31 मार्च 2025 तक किसानों पर सिंचाई का जल कर की अवशेष राशि 647 करोड़ 67 लाख रुपए बकाया है। इसमें मूल राशि 563 करोड़ 29 लाख रूपए है, जबकि ब्याज राशि 84 करोड़ 17 लाख रूपए है।
सिंचाई जल कर राहत योजना की खास बात यह है कि इससे राज्य सरकार और किसान दोनों को फायदा होगा। इस योजना से जहां किसानों जल कर ब्याज पर छूट मिलेगी, वहीं किसान अगर बकाया राशि को एकमुश्त जमा करेंगे तो सरकार के पास भी राजस्व आएगा। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश सरकार को सिंचाई जल कर से अच्छा खासा राजस्व मिला है। वर्ष 2022-23 में 45 करोड़ 58 लाख रूपए, वर्ष 2023-24 में 36 करोड़ 98 लाख रूपए और वर्ष 2024-25 में 35 करोड़ 43 लाख रुपए का सिंचाई राजस्व मिला है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 31 मार्च 2025 तक किसानों पर सिंचाई जल कर की कुल बकाया राशि 647 करोड़ 67 लाख रुपए है। इस अवशेष राशि में औसतन प्रति किसान 13 प्रतिशत हिस्सा केवल ब्याज और जुर्माने का है। सरकार की राहत योजना के तहत अगर किसान अपनी पूरी बकाया राशि एकमुश्त जमा करते हैं, तो उन्हें ब्याज और दंड से पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि किसानों को हर वर्ष 31 मार्च तक सिंचाई जल कर का भुगतान करना अनिवार्य होता है। यदि निर्धारित समय पर भुगतान नहीं किया जाता, तो सरकार तीन माह का अतिरिक्त समय देती है। इसके बाद भी राशि बकाया रहने पर सरकार 13 प्रतिशत ब्याज और जुर्माना वसूलती है।
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