MSP लिस्ट 2026-27: सबसे ज्यादा दाम वाली रबी और खरीफ फसलें

पोस्ट -30 मार्च 2026 | Author: Anil Yadav शेयर पोस्ट

रबी और खरीफ फसलों के लिए MSP लिस्ट

भारत में तीन प्रमुख फसल मौसम (Cropping Seasons) होते हैं जिन्हें खरीफ, रबी और जायद सीजन के नाम से जाना जाता है। इन मौसम में किसान चावल, कपास, मक्का, गेहूं, सरसों, चना, गन्ना, बाजरा, ज्वार, मटर आदि फसलों की खेती करते हैं तथा अपनी उपज को मंडियों में बेचकर मुनाफा कमाते हैं। लेकिन खेती में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि किस फसल से अच्छी कीमत मिलेगी। इसी समस्या के समाधान के लिए सरकार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (मिनिमम सपोर्ट प्राइस - एमएसपी) प्रदान करती है। यह एक पहले से तयशुदा गारंटीड कीमत होती है, ताकि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके। अगर बाजार में कीमतें गिर भी जाएं, तो भी किसानों को नुकसान नहीं होता।

हर फसल सीजन से पहले सरकार विभिन्न फसलों के लिए MSP तय करती है। इसके बावजूद कई किसानों के मन में यह सवाल बना रहता है कि कौन-सी फसल पर सबसे अधिक MSP मिलती है और किस फसल की खेती से अधिक लाभ हो सकता है। इस लेख में हम आपको विपणन वर्ष 2026-27 की MSP सूची, सबसे अधिक मूल्य देने वाली फसलें और MSP तय होने की प्रक्रिया से जुड़ी जरूरी जानकारी बताएंगे, ताकि आप सही फसल का चयन कर अधिक आय अर्जित कर सकें।

2026-27 में सबसे अधिक मूल्य देने वाली फसलें

2026 ट्रेंड के अनुसार सबसे ज्यादा MSP वाली फसलों में दालें, तिलहन और मसाला फसलें शामिल हैं। आमतौर पर इन फसलों का MSP दूसरी फसलों के मुकाबले अधिक होता है, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है। यहां मार्केटिंग सीजन (विपणन सत्र) 2026–27 के लिए सबसे ज्यादा MSP पाने वाली प्रमुख फसलों की जानकारी दी गई हैं:

  • रेपसीड और सरसों: ₹6200 प्रति क्विंटल
  • कुसुम (सनफ्लावर-सूरजमुखी): ₹6540 प्रति क्विंटल
  • चना: ₹5875 प्रति क्विंटल
  • अरहर (तूअर दाल): ₹8000 प्रति क्विंटल- 2025-26 विपणन सीजन
  • मूंग: ₹8768 प्रति क्विंटल (2025-26 विपणन सीजन)
  • उड़द: ₹7800 प्रति क्विंटल (विपणन सीजन 2025–26) 
  • तिल: ₹9846 प्रति क्विंटल (विपणन सीजन 2025–26) 

सरकार इन फसलों के लिए अच्छा MSP देती है क्योंकि बाजार में इनकी मांग ज्यादा रहती है, उत्पादन जोखिम कम होता है और सरकारी खरीद अधिक होती है। अगर किसान सही सीजन और अपनी जमीन के हिसाब से इन फसलों को प्राथमिकता देते हैं, तो वे कम लागत में ज्यादा लाभ कमा सकते हैं। 

क्या होता है मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP)?

मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) वह गारंटीड कीमत है, जो किसानों को उनकी फसल के बदले मिलती है चाहे बाजार में उस फसल का भाव कम ही क्यों न हो। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि बाजार में फसलों की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का किसानों पर ज्यादा असर न पड़े और उन्हें उनकी उपज का कम से कम तय भाव मिलता रहे।

MSP क्यों जरूरी है?

मान लीजिए अगर किसी फसल की बम्पर पैदावार हो जाती है, तो बाजार में उसकी कीमत कम या गिर सकती है। ऐसे में न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP किसानों के लिए एक फिक्स और सुरक्षित कीमत का काम करता है। किसान अपनी फसल MSP मूल्य पर बेचें या बाजार में यह पूरी तरह उनकी अपनी पसंद होती है।

कैसे तय होता है MSP?

सरकार हर फसल सीजन से पहले MSP तय करती है। यह कीमत कमीशन फॉर एग्रीकल्चर कॉस्ट एंड प्राइजेस (CACP) की सिफारिशों के आधार पर तय की जाती है और पूरे देश में समान रूप से लागू होती है। 'कृषि लागत और मूल्य आयोग' (कमीशन फॉर एग्रीकल्चर कॉस्ट एंड प्राइजेस-CACP) खेती की लागत, मांग, आपूर्ति और बाजार के रुझानों का विश्लेषण करता है। यहां MSP तय करने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई है: 

  • लागत का आकलन: इसमें इन फैक्टर्स का रखा जाता है ध्यान 
  • A2+FL: नकद खर्च के साथ परिवार के सदस्यों की मेहनत (Family Labour) का अनुमानित मूल्य।
  • C2: जमीन का किराया और पूंजी पर ब्याज सहित कुल व्यापक लागत। सरकार वर्तमान में A2+FL का कम से कम 50% (डेढ़ गुना) मुनाफा जोड़कर MSP तय करती है। 
  • कैबिनेट की मंजूरी: अंत में, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली 'आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति' (CCEA) फसलों के तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगाती है।
     
  • 2018 से सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को औसत उत्पादन लागत (A2 + FL) पर कम से कम 50% (डेढ़ गुना) लाभ दिया जाए। 

सरकार हर फसल सीजन के लिए करीब 23 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price- MSP) तय करती है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिल सके। इन फसलों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है:

  • अनाज– 7 फसलें (धान, गेहूं, मक्का, बाजरा, ज्वार, रागी और जौ)
  • दलहन– 5 प्रमुख फसलें (चना, अरहर (तुअर), उड़द, मूंग और मसूर)
  • तिलहन – 7 फसलें (रेपसीड-सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, तिल, कुसुम और निगरसीड)
  • व्यावसायिक फसलें – 4 फसलें (कपास, गन्ना, खोपरा और कच्चा जूट)

विपणन सीजन 2026-27 हेतु रबी फसलों का न्यूनतम समर्थन:

फसल

MSP 2026-27 (₹/क्विंटल)

MSP 2025-26 (₹/क्विंटल)

गेहूं

2,585

2,425

जौ

2,150

1,980

चना

5,875

5,650

मसूर

7,000

6,700

सरसों/रेपसीड

6,200

5,950

कुसुम (सनफ्लावर)

6,540

5,940

खरीफ फसलों के लिए MSP (विपणन सत्र 2025-26)

क्र.सं.

फसल

MSP 2025-26

MSP 2024-25

अनाज

1

धान

सामान्य

2369

2300

ग्रेड ए^

2389

2320

2

ज्वार

हाइब्रिड

3699

3371

मालदंडी^

3749

3421

3

बाजरा

2775

2625

4

रागी

4886

4290

5

मक्का

2400

2225

दलहन

6

तूर/अरहर

8000

7550

7

मूंग

8768

8682

8

उड़द

7800

7400

तिलहन

9

मूंगफली

7263

6783

10

सूरजमुखी के बीज

7721

7280

11

सोयाबीन (पीला)

5328

4892

12

तिल

9846

9267

13

रामतिल

9537

8717

वाणिज्यक

14

कपास

(मध्यमरेशे)

7710

7121

(लंबेरेशे)^

8110

7521

नोट: यह आंकड़े विपणन सत्र 2026-27, 2025-26 के लिए तय सरकारी MSP डेटा के आधार पर दिए गए हैं। (खरीफ फसल और रबी फसल)

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