हरियाणा के गन्ना किसानों के लिए आने वाले दो पेराई सत्र आर्थिक लिहाज से अच्छे साबित हो सकते हैं। राज्य सरकार ने गन्ने की खरीद कीमत में चरणबद्ध तरीके से बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। इसके तहत किसानों को वर्ष 2026-27 के पेराई सत्र से ही बढ़े हुए भाव का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। वहीं, वर्ष 2027-28 में गन्ने की कीमत 450 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच जाएगी। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के उन हजारों किसानों को फायदा होगा, जो गन्ने की खेती को अपनी आमदनी का प्रमुख जरिया मानते हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। गन्ने की कीमत बढ़ने से किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने में मदद मिलेगी।
हरियाणा सरकार ने गन्ने की कीमत में एक साथ बढ़ोतरी करने के बजाय इसे दो चरणों में लागू करने का फैसला किया है। इससे किसानों को अगले दो पेराई सत्रों में बढ़े हुए भाव का लाभ मिलेगा। वर्तमान में गन्ने का भाव 415 रुपये प्रति क्विंटल है। इसमें पहले चरण में 15 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी। नई दरों का विवरण इस प्रकार है:
| विवरण | गन्ने का भाव (प्रति क्विंटल) |
|---|---|
| मौजूदा भाव | 415 रुपये |
| पेराई सत्र 2026-27 | 430 रुपये |
| पेराई सत्र 2027-28 | 450 रुपये |
इस तरह पहले पेराई सत्र में किसानों को 15 रुपये और दूसरे पेराई सत्र में 20 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त मिलेंगे। यानी दो वर्षों में गन्ने की कीमत कुल 35 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ जाएगी।
गन्ने के भाव में होने वाली बढ़ोतरी का सीधा असर किसानों की फसल से होने वाली कमाई पर पड़ेगा। सरकार के आकलन के मुताबिक, नई कीमतों के कारण किसानों की आमदनी में प्रति एकड़ प्रति पेराई सत्र करीब 10,000 से 11,300 रुपये तक का इजाफा हो सकता है। यह अतिरिक्त राशि किसानों को खेती के जरूरी खर्चों को पूरा करने में मदद करेगी। गन्ने की फसल तैयार करने में किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी पर काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। इसके अलावा खेत की तैयारी और फसल की देखभाल पर भी लागत आती है। ऐसे में बेहतर भाव मिलने से किसानों को इन खर्चों का बोझ संभालने में राहत मिलेगी।
हरियाणा में गन्ने की खेती का संबंध केवल किसानों की कमाई से नहीं, बल्कि प्रदेश के चीनी उद्योग से भी जुड़ा हुआ है। चीनी मिलों को पेराई के लिए लगातार गन्ने की जरूरत होती है। ऐसे में किसानों को बेहतर कीमत मिलने से वे इस फसल की खेती जारी रखने और उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित हो सकते हैं। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा का मानना है कि गन्ने के भाव में बढ़ोतरी से किसानों का भरोसा मजबूत होगा। इससे चीनी मिलों को भी पर्याप्त मात्रा में गन्ना मिल सकेगा। किसानों और मिलों के बीच बेहतर तालमेल बनने से पेराई सत्र के संचालन में मदद मिलने की उम्मीद है।
कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार की किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, न्यूनतम समर्थन मूल्य और कृषि अवसंरचना विकास कार्यक्रम शामिल हैं। मंत्री ने विश्वास जताया कि गन्ने के नए भाव से प्रदेश में इस फसल के उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही किसानों की आमदनी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कुल मिलाकर, अगले दो पेराई सत्रों में लागू होने वाली नई दरें हरियाणा के गन्ना उत्पादक किसानों के लिए राहत लेकर आएंगी।
Website - TractorGuru.in
Instagram - TractorGuru Instagram Page
Facebook - TractorGuru Facebook Page
हरियाणा के किसानों को बड़ी राहत! सत्यापन अटका तो भी मंडी में बिकेगा धान
कपास चुनने वाले मजदूरों के लिए ICAR ने बनाए खास सुरक्षा दस्ताने
हरे चने की खेती पर ₹4,000 प्रति एकड़ अनुदान, बिहार के 10 जिले
India Creates 11 Crore Farmer IDs Five Months Ahead of Time
PM Kisan 24वीं किस्त जारी, 9.34 करोड़ किसानों को मिले 2000 रुपये।
महिंद्रा 575 DI vs पावरट्रैक यूरो 50: कीमत, फीचर्स और तुलना।
किसान ने 4 एकड़ में उगाई अदरक, 5 साल में कमाए 50 लाख रुपये
The top choice for farmers in India. Check prices and explore exclusive offers now!