हिम गंगा योजना : दूध उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा, 500 करोड़ रुपए आंवटित
डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने का प्रयास, किसानों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
हिम गंगा योजना : हिमाचल सरकार राज्य में कृषि एवं डेयरी उद्योग के विस्तार के लिए आए दिन नई-नई योजनाओं पर तेजी से काम करती नजर आ रही है। ताकि किसान एवं डेयरी संचालकों की आमदनी को बढ़ाया जा सकें। इसी कड़ी में हिमाचल सरकार प्रदेश में दुग्ध उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए ’हिम गंगा’ योजना शुरू करेगी। योजना के लिए सरकार ने 500 करोड़ रुपए आंवटित किए हैं। इस योजना के तहत प्रदेश में डेयरी उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा, इससे राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा। सरकार का मानना है कि राज्य में अधिकतर किसान डेयरी उद्योग से जुड़े हुए हैं। छोटे-बड़े स्तर पर पशुपालन कर दुग्ध का उत्पादन करते हैं। योजना शुरू होने के बाद डेयरी बिजनेस से जुडे़ किसान अच्छे भाव से यहां दुग्ध उत्पादन को बेचकर अच्छी कमाई कर पाएंगे। दुग्ध के अच्छे भाव मिलने से राज्य में अधिक से अधिक किसान डेयरी बिजनेस से जुड़ेंगे, जिससे प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। किसान कम पूंजी लागत में छोटे स्तर पर डेयरी बिजनेस को आसानी से शुरू कर अपनी आमदनी को बढ़ा सकते हैं। बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी उद्योग लोगों को सबसे ज्यादा रोजगार देते हैं। आईये, ट्रैक्टरगुरू के इस लेख के माध्यम से सरकार की इस पूरी योजना के बारे में जानते हैं।
राज्य में डेयरी उद्योग को बढ़ावा देना
हिमाचल प्रदेश सरकार प्रदेश में डेयरी के उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 500 करोड़ रुपए की लागत से ’हिम गंगा’ योजना शुरू करने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार योजना की जानकारी प्रदेश के कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंदन कुमार द्वारा दी गई। कांगड़ा जिले में हिमाचल दिवस पर आयोजित जिला स्तर के कार्यक्रम में मंत्री चंदन कुमार ने कहा कि हिम गंगा योजना का उद्देश्य प्रदेश में दूध के बिजनेस को बढ़ावा देना है। राज्य में दूध आधारित बिजनेस का तंत्र विकसित कर दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना है। राज्य में डेयरी किसानों को रोजगार के अवसर प्रदान करने में हिम गंगा योजना लाभकारी साबित हो सकती है। दुग्ध के व्यवसाय से जुड़े किसान एवं पशुपालकों की आमदनी को बढ़ाने की दिशा में सरकार द्वारा उठाया गया अहम कदम है।
गाय-भैंस के दूध को 80 से 100 रुपए लीटर खरीदेगी सरकार
प्रदेश कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंदन कुमार का कहना है कि हिम गंगा योजना के अंतर्गत दूध खरीदने की प्रणाली, दुग्ध प्रसंस्करण यूनिट और मार्केटिंग की गुणवत्ता सुधार कर मार्केटिंग को बेहतर बनाया जाएगा। योजना के तहत किसानों से दूध खरीद कर सरकार दूध प्रोसेगिंग कर अलग-अलग उत्पादों का उत्पादन करेगी। इसके लिए सरकार प्रदेश के किसानों से गाय का दूध 80 रुपये प्रति लीटर तथा भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर के भाव से खरीदेगी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए तेजी से डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने का काम किया जा रहा है।
कांगड़ा में जू पार्क, गोल्फ कोर्स सुविधाएं
कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंदन कुमार ने कहा कि सरकार एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के सहयोग से प्रदेश में 1,311 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन विकास कार्यक्रम भी शुरू करेगी। इससे राज्य में पर्यटन को एक नई दिशा मिलेगी। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिले को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास कार्यक्रम के तहत कांगड़ा जिले में जू पार्क, गोल्फ कोर्स जैसी पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने का काम किया जाएगा।
हिम गंगा योजना से लाभ
- हिमाचल प्रदेश में हिम गंगा योजना को शुरू करने का ऐलान प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा किया गया है।
- योजना के लिए मुख्यमंत्री ने 500 करोड़ रुपए भी आंवटित किए है।
- इस योजना से राज्य के पशुपालक किसान एवं डेयरी पशुपालाकों को लाभ होगा।
- हिम गंगा योजना के तहत सरकार पशुपालक किसान एवं डेयरी पशुपालाकों से गाय का दूध 80 रुपये प्रति लीटर और भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर खरीदा जाएगा।
- योजना के तहत राज्य में दूध खरीद, प्रोसेसिंग, मार्केटिंग व्यवस्था में गुणवत्ता सुधार किया जाएगा।
- योजना के तहत पहले चरण में राज्य के कुछ क्षेत्रों के किसान और डेयरी पशुपालकों को पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर जोड़कर योजना को लागू किया जाएगा।
- योजना के पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के पश्चात हिम गंगा योजना को पूरे राज्य में शुरू कर दिया जाएगा।
- हिम गंगा योजना के तहत दुग्ध इंफ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई चेन को योजनाबद्ध तरीक से स्थापित कर नये मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किए जाएंगे। साथ ही पुराने प्रोसेसिंग प्लांट को अपग्रेड किया जाएगा।
- इस योजना के माध्यम से राज्य में दूध के उत्पादन में वृद्धि होगी, जिससे किसान एवं पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
हिम गंगा योजना के लिए जरूरी डॉक्यूमेंटस
हिम गंगा योजना का लाभ केवल हिमाचल प्रदेश के स्थाई निवासी को ही दिया जाएगा। आवेदक व्यक्ति किसान एवं पशुपालक होना चाहिए। आवेदक किसान एवं पशुपालकों के पास आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज फोटो आदि आवश्यक डॉक्यूमेंटस का होना जरूरी है।
आवेदन करने की प्रक्रिया
हिमाचल प्रदेश के कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंदन कुमार ने बताया कि हिमगंगा योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लोगों को अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि सरकान ने अभी हिम गंगा योजना को शुरू करने का ऐलान किया गया है। योजना को अभी राज्य में लागू नहीं किया गया है और न ही आवेदन से संबंधित कोई तरह का कोई नोटिफिकेशन सरकार द्वारा सार्वजनिक किया गया है। बता दें कि सरकार द्वारा हिमगंगा योजना को लागू किया जाने को लेकर कोई भी आधिकारी नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। तो हम आपको ट्रैक्टर गुरु के लेख के जरिये सूचित कर देंगे।
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