Karnataka Dairy Farming Subsidy 2026: कर्नाटक सरकार ने राज्य के छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने घोषणा की है कि किसान अब 25% सब्सिडी पर दुधारू पशु (गाय और भैंस) खरीद सकेंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी को कम करना और डेयरी फार्मिंग के जरिए किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
आइए जानते हैं इस योजना का लाभ किन किसानों को मिलेगा और पशुपालन विभाग की अन्य बड़ी घोषणाएं क्या हैं।
कर्नाटक के पशुपालन और मत्स्य पालन मंत्री के. वेंकटेश ने बताया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस प्रोजेक्ट के लिए विशेष फंड आवंटित किया है और इसे जल्द ही लागू कर दिया जाएगा। योजना की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
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सब्सिडी दर |
25% |
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पशु |
दूध देने वाली गाय और भैंस |
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लाभार्थी किसान |
लगभग 20,000 (पहले चरण में) |
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लागू क्षेत्र |
बेलगावी और कलबुर्गी डिवीजन (उत्तरी कर्नाटक) |
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उद्देश्य |
डेयरी फार्मिंग को बढ़ावा, नकद आय में वृद्धि |
मुख्य रूप से छोटे और सीमांत किसान जिनके पास पहले से 1-2 दूध देने वाले पशु हैं, लेकिन वे और अधिक पशु रखना चाहते हैं।
मंत्री के. वेंकटेश ने कहा कि डेयरी फार्मिंग गरीबी से निपटने का सबसे कारगर तरीका है। विशेषकर उन छोटे किसानों के लिए जिनके पास सिर्फ एक या दो पशु हैं, यह हर दिन नकद कमाई का जरिया बनता है।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार की पिछली पहलों से दूध उत्पादन में जबरदस्त इजाफा हुआ है। कर्नाटक में दूध उत्पादन पहले के 70 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़कर अब 1 करोड़ लीटर प्रतिदिन से भी अधिक हो गया है।
पहले चरण में यह योजना उत्तरी कर्नाटक के दो प्रमुख डिवीजनों बेलगावी और कलबुर्गी में लागू की जाएगी। इन डिवीजनों में आने वाले जिलों के पात्र किसान लगभग 25% सब्सिडी पर गाय-भैंस खरीद सकेंगे। बाद में इस योजना को पूरे राज्य में विस्तार दिया जा सकता है।
सरकार द्वारा तय मूल्य पर एक गाय या भैंस की कीमत मान लीजिए ₹50,000 है। तो सरकार 25% यानी ₹12,500 की सब्सिडी देगी, और किसान को केवल ₹37,500 देने होंगे। यह सब्सिडी सीधे किसान के बैंक खाते में या पशु विक्रेता को ट्रांसफर की जाएगी।
सरकार का दावा है कि इस योजना से किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। दूध की बिक्री से रोजाना की कमाई होगी, जिससे परिवार की जरूरतें पूरी करना आसान होगा।
केवल सब्सिडी भर ही नहीं, सरकार ने पशुओं के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया है। पशुपालन विभाग की आयुक्त शिल्पा नाग ने बताया कि कर्नाटक में पहली बार सभी जिलों में ‘खुरपका-मुंहपका रोग’ (Foot-and-Mouth Disease) के खिलाफ मुफ्त टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है।
हालांकि अभी शुरू होने की सटीक तारीख जारी नहीं हुई है, लेकिन मंत्री के. वेंकटेश ने आश्वासन दिया है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से फंड मंजूर हो चुका है और योजना को बहुत जल्द लागू कर दिया जाएगा। संभावना है कि अगले 1-2 महीनों के भीतर आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
यदि आप कर्नाटक के बेलगावी या कलबुर्गी डिवीजन के किसान हैं, तो अपनी आधार, जमीन के कागजात और बैंक पासबुक अपडेट रखें। नजदीकी पशुपालन विभाग या सहकारी दुग्ध संघ से संपर्क करें ताकि आवेदन तिथि मिलते ही फॉर्म भर सकें। सरकारी वेबसाइट (कर्नाटक पशुपालन विभाग) पर नियमित नजर रखें। योजना का लाभ लेने के लिए किसी मध्यस्थ या एजेंट के चक्कर में न पड़ें। यह पूरी तरह सरकारी और पारदर्शी होगी।
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