किसान कस्टम हायरिंग सेंटर से किराए पर पा सकेंगे आधुनिक कृषि यंत्र
लघु एवं सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध कराने के लिए 267 नए कस्टम हायरिंग सेंटर खोलने का लक्ष्य
SMAM-CHC (Custom Hiring Center) Subsidy : खेती-किसानी में आधुनिक कृषि यंत्रों की उपयोगिता को देखते हुए सरकार द्वारा अनुदान पर कृषि यंत्र/मशीन उपलब्ध कराए जाते हैं। इन मशीनों का उपयोग कर किसान कम लागत, कम समय और कम श्रम में अपनी खेती की उत्पादकता बढ़ा सकते हैं। हालांकि, कृषि यंत्रों (krishi yantra) पर अनुदान देने के बावजूद भी हर किसान इन्हें खरीद नहीं पाते हैं, क्योंकि अधिकांश किसान लघु एवं सीमांत वर्ग से आते हैं और उनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं होती है कि वे अनुदानित कृषि मशीनों (subsidized agricultural machines) को खरीद सके। लेकिन, अब ऐसे सभी किसान भी आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से खेती कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें यंत्रों में निवेश भी नहीं करना होगा। इसी क्रम में बिहार सरकार ने किराए पर सभी उपयोगी कृषि यंत्र देने की योजना को अमली जामा पहनाया है। इसके लिए राज्य के प्रत्येक ग्राम पंचायत में कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) स्थापित किए जाएंगे। राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य राज्य के उन लघु-सीमांत किसानों के लिए कृषि यंत्रों की खरीद करने का झंझट खत्म करना है, जिनके पास खुद के कृषि यंत्र खरीदने के लिए पैसे नहीं है या उनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वे इनमें निवेश कर सके।
निर्धारित किया नए कस्टम हायरिंग सेंटन खोलने का लक्ष्य (Set a target to open new custom hiring centers)
दरअसल, बिहार में अधिकतर किसान छोटी जोत श्रेणी के हैं, जिनके पास कृषि यंत्र नहीं है और उनकी इतनी स्थिति भी नहीं है कि वे खुद यंत्र खरीद सके। ऐसे सभी किसानों की चिंता दूर करने के लिए, राज्य सरकार ने कृषि यत्रों को किराए पर उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। चतुर्थ कृषि रॉडमैप (Fourth Agricultural Roadmap) के अंतर्गत सरकार अब पंचायत स्तर पर कस्टम हायरिंग सेन्टर (सी.एच.सी) की स्थापना करने जा रही है। इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकार द्वारा कुल 267 नए सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभी तक राज्यभर में कुल 950 कस्टम हायरिंग सेन्टर (Custom Hiring Centre) खोले जा चुके हैं। यह जानकारी राज्य के उपमुख्यमंत्री- सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा दी गई है।
सेंटर के लिए अनुदान देगी सरकार (Government will give grant for the center)
कृषि मंत्री सह उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि, एसएमएएम-सीएचसी (कस्टम हायरिंग सेंटर) योजना के अंतर्गत एक कस्टम हायरिंग सेन्टर (सी.एच.सी) की स्थापना करने में अधिकतम लागत 10 लाख रुपए के आसपास आएगी। वहीं, राज्य सरकार इस योजना के तहत सेंटर के लिए लागत पर 40 प्रतिशत या अधिकतम 4 लाख रुपए तक अनुदान देगी। इससे किसान और किसान समूह आसानी से सेंटर की स्थापना कर सकेंगे। इस परियोजना के अंतर्गत स्थानीय फसल चक्र के अनुसार प्रत्येक आवश्यक कृषि कार्य के लिए कम-से-कम एक कृषि यंत्र लेना अनिवार्य होगा। कृषि मंत्री सह उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के सेंटर की स्थापना से लघु एवं सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों का लाभ आसानी से मिल सकेगा। किसान समय पर खेती से जुड़े कार्य कर सकेंगे और वे कम लागत और कम मेहनत में अधिक उत्पादन ले सकेंगे।
इन यंत्रों को किराए पर ले सकेंगे किसान (Farmers will be able to rent these machines)
कस्टम हायरिंग सेंटर में मौजूद यंत्रों को लेकर कृषि मंत्री ने बताया कि कस्टम हायरिंग सेन्टर (एसएमएएम-सीएचसी) की स्थापना से किसानों को उनके ग्राम पंचायत में ही ट्रैक्टर चालित या स्वचालित कृषि यंत्र उपलब्ध होंगे। इसमें जुताई, बुआई / रोपनी, हार्वेस्टिंग और थ्रेसिंग के लिए उपकरण उपलब्ध रहेंगे। सेंटर पर उपलब्ध इन कृषि मशीनों/यंत्रों को किसान अपनी सुविधा के लिए किराए पर ले सकेंगे। उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि, पंचायत स्तर पर आधुनिक कृषि यंत्र किराए पर मिलने से किसानों को खुद का पैसा नहीं लगाना पड़ेगा, वे बिना किसी भारी निवेश के ही आधुनिक तकनीक यंत्रों का लाभ उठा सकेंगे। इन हायरिंग सेंटरों से राज्य के छोटे-सीमांत किसान को अधिक फायदा मिलेगा और वे अपनी कृषि उत्पादकता बढ़ा पाएंगे।
वेबसाइट पर करना होगा ऑनलाइन आवेदन (You will have to apply online on the website)
कृषि मंत्री सह उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि, एसएमएएम-सीएचसी (कस्टम हायरिंग सेंटर) के अंतर्गत नए सेंटर खोलने के लिए सरकार अनुदान दे रही है। योजनांतर्गत इस सेंटर का लाभ प्रगतिशील कृषक, जीविका के स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन (वीओ), सीएलएफ, एटीएमए द्वारा गठित किसान हित समूह (एफआईजी), नाबार्ड/राष्ट्रीयकृत बैंक से संबंधित किसान क्लब, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ)/किसान उत्पादक कंपनी (एफपीसी), स्वयं सहायता समूह, पैक्स ले सकते हैं। इच्छुक लाभार्थियों को कृषि विभाग की वेबसाइट http://farmech.bihar.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के संबंध में अधिक जानकारी हेतु लाभार्थी अपने प्रखंड कृषि पदाधिकारी / सहायक निदेशक (कृषि अभियंत्र) / जिला कृषि पदाधिकारी से संपर्क भी कर सकते हैं।
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