किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम पर 90% तक सरकारी मदद
मई महीने की शुरुआत के साथ ही देश के कई हिस्सों में किसानों ने रबी फसलों की कटाई पूरी कर ली है। गेहूं, चना, सरसों और अन्य फसलों की बिक्री के बाद अब बड़ी संख्या में किसानों के खेत खाली पड़े हैं।
ऐसे समय में किसान खरीफ सीजन की तैयारी से पहले अपने खेतों में आधुनिक सिंचाई व्यवस्था लगवाकर बड़ा फायदा उठा सकते हैं। सरकार की उद्यान विभाग योजना के तहत किसानों को ड्रिप इरिगेशन और स्प्रिंकलर सिस्टम पर 90 प्रतिशत तक सरकारी अनुदान दिया जा रहा है।
इस योजना का उद्देश्य किसानों की सिंचाई लागत कम करना, पानी की बचत करना और फसल उत्पादन बढ़ाना है। यदि किसान इस समय आवेदन करते हैं, तो खरीफ सीजन शुरू होने से पहले खेतों में आधुनिक सिंचाई सिस्टम लगवाया जा सकता है।
किन किसानों को मिलेगा अनुदान
सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती की लागत कम करने के लिए कई योजनाएं चला रही है। इसी क्रम में ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम लगाने पर विशेष अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना का लाभ मुख्य रूप से छोटे किसान, सीमांत किसान, अनुसूचित जाति वर्ग के किसान और महिला किसानों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा।
राज्य सरकारें अपने-अपने नियमों के अनुसार पात्र किसानों का चयन करती हैं। कई राज्यों में सामान्य वर्ग के किसानों को भी निर्धारित सीमा तक सब्सिडी दी जाती है। किसान अपने जिले के उद्यान विभाग कार्यालय से पात्रता की पूरी जानकारी ले सकते हैं।
ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम पर कितनी मिलेगी सब्सिडी
सरकार ने इस योजना को “ड्रॉप मोर क्रॉप” अभियान के तहत शुरू किया है। इसका मतलब है कि पानी की हर बूंद का बेहतर उपयोग कर ज्यादा उत्पादन लेना। इसी उद्देश्य से आधुनिक माइक्रो इरिगेशन तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है।
योजना के तहत किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम लगाने पर 70 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल सकती है। सब्सिडी की दर राज्य, किसान श्रेणी, फसल और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। सरकारी सहायता मिलने से किसान कम लागत में महंगा सिंचाई सिस्टम लगवा सकते हैं, जिससे लंबे समय तक फायदा मिलता है।
ड्रिप सिस्टम से क्या होगा फायदा
ड्रिप इरिगेशन सिस्टम में पाइपलाइन और ड्रिपर के माध्यम से पानी सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचाया जाता है। इससे पानी की बर्बादी नहीं होती और पौधों को जरूरत के अनुसार नमी मिलती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, टमाटर, मिर्च, अनार, आम, केला, प्याज, गन्ना जैसी फसलों में ड्रिप सिस्टम बेहद उपयोगी है। ड्रिप सिस्टम से किसानों को जो प्रमुख फायदे मिलते हैं, वे इस प्रकार से हैं:
- पानी की 40 से 60 प्रतिशत तक बचत होती है।
- खाद सीधे जड़ों तक पहुंचाने में सुविधा रहती है।
- खरपतवार कम उगते हैं।
- पौधों की बढ़वार बेहतर होती है।
- यह सिंचाई सिस्टम सब्जी, फल और बागवानी फसलों में ज्यादा लाभकारी है।
स्प्रिंकलर सिस्टम से क्या फायदा होगा
स्प्रिंकलर सिस्टम को फुहारा सिंचाई भी कहा जाता है। इसमें पाइप और नोजल की मदद से पानी का छिड़काव बारिश की तरह किया जाता है। यह सिस्टम खासतौर पर ढलान वाली जमीन, हल्की मिट्टी और रेतीले क्षेत्रों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। स्प्रिंकलर सिस्टम से सिंचाई के जो प्रमुख फायदे मिलते हैं, वे इस प्रकार से है:
- खेत में समान रूप से पानी पहुंचता है।
- रेतीली जमीन में बेहतर नमी बनी रहती है।
- कम पानी में ज्यादा क्षेत्र सिंचित होता है।
- फसल की बढ़वार तेज होती है।
- श्रम और समय दोनों की बचत होती है।
अभी आवेदन करना क्यों फायदेमंद
रबी फसल कटने के बाद खेत खाली हैं, इसलिए इस समय सिंचाई सिस्टम लगवाने का सबसे अच्छा मौका है। यदि किसान अभी आवेदन कर देते हैं, तो खरीफ सीजन शुरू होने से पहले मशीनें और पाइपलाइन खेत में फिट हो सकती हैं। इससे धान, मक्का, सोयाबीन, कपास और अन्य खरीफ फसलों में तुरंत लाभ मिलेगा।
योजना में कैसे करें आवेदन
यदि आप भी इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो अपने राज्य के उद्यान विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कई राज्यों में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) केंद्रों के माध्यम से भी आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। आवेदन के समय जिन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है, उनमें आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जमीन के कागजात, खतौनी / खसरा, मोबाइल नंबर व किसान का पासपोर्ट साइज फोटो चाहिए होता है।
खेती की लागत में कमी, बेहतर पैदावार
सरकार की यह योजना किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम लगवाकर किसान पानी बचा सकते हैं, लागत घटा सकते हैं और पैदावार बढ़ा सकते हैं। यदि आपके खेत भी खाली पड़े हैं, तो यह सही समय है कि खरीफ सीजन से पहले आवेदन कर आधुनिक सिंचाई तकनीक का लाभ उठाया जाए।
Website - TractorGuru.in
Instagram - TractorGuru Instagram Page
Facebook - TractorGuru Facebook Page
सम्बंधित समाचार
संरक्षित खेती से किसानों का बढ़ेगा मुनाफा, सरकार दे रही 70% तक की सब्सिडी
इसे भी पढ़ें
UP Allots Land to 3 Firms for Tractor, Dry Fruit Units Near Yamuna Expressway
मानसून जुलाई 2025: किसानों को राहत या मुसीबत? जानिए पूरे देश का हाल