एग्रो बिहार 2026 कृषि मशीनीकरण मेले में किसानों ने आधुनिक कृषि मशीनों को लेकर काफी उत्साह दिखाया। चार दिनों तक चले इस कृषि यंत्रीकरण मेले (Agro Bihar 2026 Agricultural Mechanization Fair) में किसानों ने सब्सिडी का लाभ उठाते हुए भारी संख्या में हाई-टेक कृषि यंत्रों की खरीदारी की। मेले के दौरान करीब 395 कृषि यंत्रों की बिक्री हुई, जिन पर सरकार ने किसानों को लगभग 1.85 करोड़ रुपए का अनुदान (सब्सिडी) दिया। पटना के गांधी मैदान में इस मेले का आयोजन बिहार कृषि विभाग ने भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के सहयोग से किया था। चार दिनों तक चले इस कार्यक्रम में केवल बिहार ही नहीं, बल्कि कई अन्य राज्यों से भी किसान, कृषि विशेषज्ञ और कंपनियां शामिल हुई। यहां किसानों को नई मशीनों और आधुनिक खेती की तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई।
इस लेख में हम रविवार को गांधी मैदान में सफलतापूर्वक संपन्न हुए एग्रो बिहार 2026 कृषि यंत्रीकरण मेले की मुख्य झलकियों के साथ-साथ राज्य सरकार की कृषि यांत्रिकीकरण योजना (krishi yantrikaran yojana bihar) की पूरी जानकारी आसान भाषा में बताएंगे, ताकि किसान अपनी जरूरत के अनुसार कृषि यंत्र खरीदते समय उन पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी का लाभ उठा सकें।
इस बार मेले में किसानों ने आधुनिक कृषि यंत्रों में काफी रुचि दिखाई और बड़ी संख्या में मशीनों की खरीदारी भी की। चार दिनों तक चले इस मेले में करीब 395 कृषि यंत्रों की बिक्री हुई, जिनकी कुल लागत कीमत लगभग 4.78 करोड़ रुपए बताई गई। इन यंत्रों की खरीद पर सरकार की ओर से किसानों को लगभग 1.85 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया। सरकार की यांत्रिकीकरण योजना से किसानों को अनुदानित कीमत पर ट्रैक्टर, रोटावेटर, कंबाइन हार्वेस्टर सहित कई अन्य आधुनिक मशीनें मिल सकीं। कृषि विभाग का कहना है कि इससे खेती करना आसान और तेज हो जाता है, जब किसान मशीनों और कृषि उपकरणों का उपयोग करते हैं तो खेत का काम जल्दी पूरा होता है। मजदूरी खर्च भी कम होती है और किसान को अधिक कम लागत में बेहतर पैदावार लाभ मिल सकता है।
बता दें कि बिहार कृषि यांत्रिकीकरण योजना (Bihar Agricultural Mechanization Scheme 2025-26) के तहत सरकार किसानों को ट्रैक्टर, रोटावेटर और कंबाइन हार्वेस्टर सहित लगभग 91 प्रकार के आधुनिक कृषि यंत्रों और उपकरणों पर 40% से 80% तक सब्सिडी देती है। इस योजना के तहत किसानों को आधुनिक मशीनें कम कीमत पर उपलब्ध हो जाते हैं, जिनका इस्तेमाल कर वे अपनी खेती का काम आसान और तेज बना सकते हैं। हालांकि योजना के तहत सब्सिडी दर पर कृषि यंत्रों की खरीद के लिए किसानों को आवेदन करना होता है, जिसके लिए सरकार समय–समय पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया बिहार कृषि विभाग के निर्धारित ऑनलाइन फार्म मैकेनाइजेशन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (OFMAS) पर शुरू करती है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण ( DBT) बिहार पर पंजीकृत किसान रजिस्ट्रेशन संख्या के साथ इस सॉफ्टवेयर OFMAS पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, अधिक जानकारी के लिए लाभार्थी किसान या संगठन अपने जिला कृषि पदाधिकारी कार्यालय में संपर्क भी कर सकते हैं।
भारी संख्या में किसान पहुंचे: एग्रो बिहार 2026 कृषि मशीनीकरण मेले में किसानों की भारी भीड़ देखने को मिली। चार दिनों के दौरान लगभग 35 हजार से अधिक किसान और आम लोग मेले में पहुंचे। मेले में आए किसानों ने विभिन्न कंपनियों के स्टॉल पर जाकर आधुनिक कृषि मशीनों को करीब से देखा और उनके बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान कई किसानों ने नई और आधुनिक कृषि मशीनें खरीदने में भी रुचि दिखाई और कुछ ने मौके पर ही मशीनें खरीदने का निर्णय लिया।
आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की पहल: समापन समारोह में राम कृपाल यादव, कृषि मंत्री बिहार ने कहा कि यह मेला केवल कृषि मशीनों की प्रदर्शनी नहीं था, बल्कि किसानों के लिए सीखने और नई तकनीक को समझने का एक बड़ा मंच भी रहा। यहां किसानों को बताया गया कि आज के समय में खेती को आगे बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बहुत जरूरी है। मशीनों के उपयोग से खेती का काम तेज आसान और अधिक प्रभावी हो जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री Nitish Kumar के नेतृत्व में राज्य में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं। इनमें कृषि रोड मैप, बेहतर सिंचाई व्यवस्था, उन्नत बीज, बागवानी और कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं।
पूर्वी भारत का प्रमुख कृषि यंत्रीकरण मेला: नर्मदेश्वर लाल, प्रधान सचिव बिहार कृषि विभाग ने बताया कि एग्रो बिहार मेला (Agro Bihar Agricultural Mechanization Fair) पूर्वी भारत का सबसे बड़ा कृषि यंत्रीकरण मेला माना जाता है। प्रदेश में इस मेले का आयोजन वर्ष 2011 से लगातार किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को नई तकनीकों और आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी देना है, ताकि खेती को आसान, तेज और कम खर्च में किया जा सके। मेले में खेती से जुड़े कई विभागों ने भी अपने स्टॉल लगाए थे, जिनमें खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन, गव्य विकास, गन्ना उद्योग, उद्योग विभाग और सहकारिता विभाग शामिल रहे। किसानों को इन स्टॉल के माध्यम से सरकारी योजनाओं और खेती के नए तरीकों के बारे में जानकारी दी गई।
बिरला टायर्स को पहला पुरस्कार : समापन समारोह में मेले में भाग लेने वाली कंपनियों और अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बिरला टायर्स (Birla Tyres) को प्रथम पुरस्कार दिया गया। वहीं हैवल्स इंडिया (Havells India ) को दूसरा और शक्तिमान एग्रीकल्चरल इक्विपमेंट (Shaktiman Agricultural Equipment) को तीसरा पुरस्कार प्रदान किया गया।
कुल मिलाकर एग्रो बिहार 2026 Agricultural Mechanization Fair किसानों के लिए काफी उपयोगी साबित हुआ। इस मेले के जरिए किसानों को नई मशीनों और आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी मिली। साथ ही कई किसानों ने आधुनिक कृषि यंत्र खरीदकर अपनी खेती को और बेहतर और आसान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया।
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