बेमौसम बारिश में फसलें बर्बाद, किसानों के लिए राहत पैकेज व पोर्टल शुरू

पोस्ट -17 नवम्बर 2025 | Author: Anil Yadav शेयर पोस्ट

सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए 10,000 करोड़ रुपए के मुआवजा पैकेज का ऐलान किया

गुजरात में इस साल अक्टूबर माह के अंत में बेमौसम बारिश से किसानों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। लाखों हेक्टेयर में बोई गई अनाज, तिलहन और नकदी फसलें पानी से खराब हो गईं। इसकी वजह से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। ऐसे में किसानों को आर्थिक राहत देने के लिए राज्य सरकार ने 10,000 करोड़ रुपए के मुआवजा पैकेज का बड़ा ऐलान किया है। यह राहत पैकेज राज्य के 33 जिलों में हुई फसल क्षति को देखते हुए बनाया गया है। इस पैकेज के तहत सभी प्रभावित किसानों को उनकी फसल क्षति के लिए प्रति हेक्टेयर 22,000 रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। प्रति किसान अधिकतम दो हेक्टेयर नुकसान के लिए आवेदन कर सकते हैं। राज्य सरकार ने तुरंत एक ऑनलाइन राहत पोर्टल शुरू किया है, ताकि नुकसान झेलने वाले सभी किसान समय पर आवेदन कर जल्द से जल्द मुआवजा प्राप्त कर सकें। यह पोर्टल अगले 15 दिनों तक खुला रहेगा। 

किसानों को मिलेगा फसल नुकसान मुआवजा (Farmers will get crop loss compensation)

राज्य सरकार के प्रवक्ता और कृषि मंत्री जीतू वघाणी ने पत्रकारों को बताया कि यह राहत पैकेज राज्य के 33 जिलों में हुई फसल बर्बादी को देखते हुए घोषित किया गया है। यह अब तक का सबसे बड़ा किसान राहत पैकेज है। उन्होंने यह भी बताया कि भले ही 5,100 टीमों ने सर्वे किया है, लेकिन जिन किसानों का सर्वे छूट गया है, वे भी आवेदन कर सकते हैं और उन्हें जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाएगा। 

नुकसान झेलने वाले सभी किसानों को एक समान राहत (Equal relief to all farmers who suffered losses)

कृषि मंत्री ने बताया कि फसल नुकसान की भरपाई के लिए अलग-अलग प्रावधान होने के बावजूद, राज्य सरकार ने सभी प्रभावित किसानों को एक समान और उदार मुआवजा देने का फैसला किया है। उन्होंने आगे कहा कि जिन किसानों की फसलें खराब हुई हैं, उन्हें प्रति हेक्टेयर 22,000 रुपये की एक समान राशि दी जाएगी। लेकिन एक किसान को अधिकतम 2 हेक्टेयर के लिए ही मुआवजा मिलेगा, यानी हर किसान को अधिकतम 44,000 रुपए तक की सहायता मिल सकती है। 

फसल नुकसान के आवेदन के लिए करना होगा ऑनलाइन आवेदन (Online application will have to be made for crop loss application)

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित सभी किसानों को फसल नुकसान के मुआवजे हेतु ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इस काम के लिए एक पोर्टल शुक्रवार दोपहर से शुरू कर दिया गया है। राज्य के कृषि मंत्री जीतू वघानी ने कहा कि किसानों को नियम के अनुसार जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा। पात्र आवेदनों पर वेरिफिकेशन के तुरंत बाद कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार आवेदन करने की समय सीमा बढ़ाने के लिए तैयार है।    

फसल नुकसान आवेदन के लिए सरकार ने जारी किया लिंक (The government has released a link for applying for crop damage)

वघाणी ने बताया कि राज्य सरकार ने फसल नुकसान के आवेदन करने के लिए https://krp.gujarat.gov.in ऑनलाइन लिंक जारी किया है। किसान अपनी ग्राम पंचायतों के ग्राम कंप्यूटर उद्यमी (वीसीई) या ग्राम स्तरीय उद्यमी (वीएलई) से इस लिंक पर फसल नुकसान के राहत पैकेज के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्हें कोई आवेदन शुल्क नहीं देना होगा। किसानों द्वारा किए गए आवेदन की जांच पूरी होने के बाद मुआवजे की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। सरकार ने बताया है कि पूरी भुगतान प्रक्रिया डीबीटी के माध्यम से की जाएगी, ताकि किसान को राशि बिना किसी देरी के मिल सके।

बेमौसम बारिश से फसलों को लगभग ₹1,574 करोड़ का नुकसान (Unseasonal rains cause crop losses worth approximately ₹1,574 crore)

राज्य सरकार के अनुसार, गुजरात के 33 जिलों के 251 तालुकों और 16,500 से अधिक गांवों में फसल नुकसान का आकलन किया गया है। बेमौसम बारिश की वजह से 30 लाख हेक्टेयर खरीफ फसलों का 33% से अधिक हिस्सा बर्बाद हो गया। एक सरकारी सर्वेक्षण के अनुसार लगभग ₹1,574 करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया गया है, जिसके बाद सरकार ने किसानों के लिए नया राहत पैकेज तैयार किया। राज्य सरकार के प्रवक्ता और कृषि मंत्री जीतू वघाणी ने बताया कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार,  इस बार 13.70 लाख हेक्टेयर में अनाज (धान, ज्वार, बाजरा), 4.60 लाख हेक्टेयर में दलहन (तूर, उड़द, मूंग आदि), 31.76 लाख हेक्टेयर में तिलहन (मूंगफली, सोयाबीन, अरंडी) और 22.62 लाख हेक्टेयर में कपास और सब्जियों जैसी नकदी फसलें बोई गई थीं।

बेमौसम बारिश ने तोड़ी किसानों की कमर (Unseasonal rains have broken the backs of farmers)

आधिकारिक बयान के अनुसार, अक्टूबर के आखिर में गुजरात में लगातार 88.67 मिमी बारिश ने 71 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में भारी फसल नुकसान किया। इसके कारण 16,387 गांवों के 17.06 लाख किसानों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई। सबसे ज्यादा नुकसान सौराष्ट्र क्षेत्र में हुआ। यहां लगभग 37.71 लाख हेक्टेयर में बोई गई फसलों में से 33.53 लाख हेक्टेयर खेत बर्बाद हो गए। सर्वेक्षण में पता चला कि 28.28 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 12.65 लाख किसानों की फसलों का 33% से ज्यादा हिस्सा खराब हुआ, जिससे 1,218.50 करोड़ रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ। यह राज्य को हुए कुल फसल नुकसान का करीब 80% है।

किस क्षेत्र में कितना नुकसान (How much damage in which area)

सर्वेक्षण के अनुसार, मध्य-पूर्व क्षेत्र दूसरे नंबर पर प्रभावित हुआ। यहां 15.55 लाख हेक्टेयर में से 52.54% जमीन बेमौसम बारिश से प्रभावित हुई। 2.59 लाख किसानों की 3.18 लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन को 296.45 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ। दक्षिण गुजरात में, बारिश ने 79% खेती को बर्बाद कर दिया, जिससे 5.61 लाख हेक्टेयर जमीन प्रभावित हुई। इस क्षेत्र में 1.36 लाख किसानों की 1.67 लाख हेक्टेयर फसल को 58.45 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। उत्तरी गुजरात भी इससे अछूता नहीं रहा। यहां 18.08 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी, जिसमें 4.14 लाख हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई और 44,849 किसानों को लगभग ₹28.11 करोड़ का नुकसान हुआ। पूरे राज्य में हुए भारी फसल नुकसान को देखते हुए राज्य सरकार ने लगभग 10,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की है।

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