गन्ने की फसल पर खतरनाक कीट का हमला, किसानों के लिए अलर्ट जारी

पोस्ट -27 अप्रैल 2026 | Author: Tractor Guru Team शेयर पोस्ट

उत्तर प्रदेश में गन्ना एक प्रमुख नकदी फसल है, लेकिन अब इस पर भयंकर कीट का हमला देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग ने किसानों के लिए तत्काल अलर्ट जारी किया है। प्रदेश की कुछ चीनी मिलों के क्षेत्रों में अंकुर बेधक (अर्ली शूटर बोरर) और चोटी बेधक कीट (टॉप बोरर) की पहली पीढ़ी का प्रकोप देखा गया है। अगर समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो गन्ने की पैदावार बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।

कैसे पहचानें फसल पर कीट का हमला?

विभाग की अपर मुख्य सचिव वीना कुमारी मीना ने बताया कि यह सूंडी पौधों के गोंफ (तने के अंदर के कोमल भाग) को खाती हुई नीचे की ओर बढ़ती है। इसके कारण बीच का गोंफ पूरी तरह सूख जाता है और इसे हल्के से खींचने पर पौधा आसानी से निकल आता है। उन्होंने कहा कि अप्रैल से जून तक यह कीट सबसे अधिक सक्रिय रहता है, इसलिए इस अवधि में किसानों को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है।

चेतावनी: प्रभावित पौधों को सूंडी और प्यूपा सहित जमीन की सतह से काटकर तुरंत नष्ट कर दें। अन्यथा यह पूरी फसल में फैल सकता है।

किसान ऐसे करें गन्ने की फसल की सुरक्षा: 5 कारगर उपाय

विभाग के शोध वैज्ञानिकों ने रासायनिक और जैविक दोनों तरीकों से बचाव की सलाह दी है। नीचे दिए गए सरल उपायों को अपनाकर किसान अपनी फसल को बचा सकते हैं:

1. प्रभावित हिस्सों को नष्ट करें

  • अंकुर बेधक एवं चोटी बेधक कीट से प्रभावित पत्तियों या कल्लों पर बने अंडे के समूह और सूंडी को तोड़कर नष्ट कर दें। यह सबसे सस्ता और प्रभावी उपाय है।

2. जैविक नियंत्रण (ट्राइकोकार्ड का उपयोग)

  • ट्राइकोकार्ड (Trichocard) को 15 दिन के अंतराल पर खेत में लगाएं। यह प्राकृतिक दुश्मनों को बढ़ावा देता है और पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित है।

3. रासायनिक दवाओं का छिड़काव (ड्रेंचिंग विधि)

पत्तियों पर स्थित अंडों और सूंडियों के लिए नीचे दिए गए मिश्रणों में से किसी एक का इस्तेमाल करें:

  • विकल्प 1: फिप्रोनिल 40% + इमिडाक्लोप्रिड 40% WG मिक्सर 500 ग्राम को 1000 लीटर पानी में घोलकर ड्रेंचिंग करें।
  • विकल्प 2: क्लोरेन्ट्रानिलिप्रोल 8% + थायोमेथॉक्सम 17.5% मिक्सर 600 ग्राम को 1000 लीटर पानी में मिलाकर ड्रेंचिंग करें।

4. फेरोमोन और लाइट ट्रैप लगाएं

  • हर 25-30 मीटर की दूरी पर फेरोमोन ट्रैप या लाइट ट्रैप लगाएं। इससे वयस्क कीटों को पकड़ने में मदद मिलती है, जिससे अंडे देने की प्रक्रिया रुक जाती है।

5. तने के अंदर की सूंडी के लिए (जड़ों के पास ड्रेंचिंग)

  • क्लोरेन्ट्रानिलिप्रोल 18.5% SC – 150 मिली को 400 लीटर पानी में घोलकर गन्ने के जड़ों के पास ड्रेंचिंग करें। यह दवाई पौधे के अंदर प्रवेश कर चुकी सूंडी को मारने में कारगर है।

विशेष सावधानी: अप्रैल से जून तक रहें चौकन्ने

उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य है। यहां लाखों किसानों की आजीविका गन्ने पर निर्भर है। अक्सर किसान समय रहते कीट के प्रकोप को पहचान नहीं पाते, जिससे फसल का 30-40% तक नुकसान हो जाता है। इस बार विभाग ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया है, ताकि किसान अप्रैल से जून के बीच इन उपायों को अपनाकर भारी नुकसान से बच सकें।

विशेष सलाह (गन्ना विभाग, उत्तर प्रदेश)

  • किसान भाइयों से अनुरोध है कि वे अपने खेतों की प्रतिदिन निगरानी करें।
  • यदि पौधे सूखकर बीच से टूट रहे हैं या आसानी से उखड़ रहे हैं, तो तुरंत उपरोक्त विधियों से नियंत्रण शुरू करें।
  • किसी भी संदेह या अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी गन्ना विकास विभाग के कार्यालय या चीनी मिल के कृषि अधिकारी से संपर्क करें।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी उत्तर प्रदेश गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अलर्ट पर आधारित है। कीटनाशकों का उपयोग करते समय विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें और निर्देशित मात्रा का ही प्रयोग करें।

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