खरीफ फसलों की कटाई के साथ ही किसान अगले सीजन की बुवाई के लिए खेत तैयार करना शुरू कर देते हैं। सोयाबीन, बाजरा, मूंगफली, कपास और दाल उत्पादक क्षेत्रों में खेत तैयार करना काफी आसान रहता है। लेकिन धान उत्पादक राज्यों में यह काम बड़ा ही चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
धान की कटाई के बाद रबी फसलों की समय पर बुवाई के लिए किसान को खेत की जुताई, मिट्टी को भुरभुरा करने और फसल अवशेषों के प्रबंधन जैसे काम करने पड़ते हैं। इनमें कल्टीवेटर, रोटावेटर और दूसरे कृषि उपकरणों का इस्तेमाल अधिक होता है।
ऐसे में सवाल उठता है कि खेत तैयार करने के लिए कितने हार्सपावर (HP) का ट्रैक्टर सही रहेगा? इसका जवाब सिर्फ खेत के रकबे पर निर्भर नहीं करता। मिट्टी की स्थिति, खेत में बचे फसल अवशेष और उपकरण का आकार भी ट्रैक्टर की पावर तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
35 से 50 HP श्रेणी के ट्रैक्टर: सामान्य खेत तैयारी के कई कामों में उपयोगी हो सकते हैं।
इसलिए केवल इंजन पावर रेंज (HP) देखकर ट्रैक्टर नहीं चुनना चाहिए। रोटावेटर जैसे PTO से चलने वाले उपकरण के लिए ट्रैक्टर की PTO पावर और उपकरण निर्माता की बताई HP जरूरत भी जरूर देखें। आइए जानते हैं कि खेत तैयार करने के लिए कितने HP का ट्रैक्टर चुनें और कौन-से मॉडल देखे जा सकते हैं।
अगर धान की कटाई के बाद खेत में फसल अवशेष कम हैं और किसान छोटे रोटावेटर, कल्टीवेटर या दूसरे सामान्य उपकरणों से खेत तैयार करते हैं, तो 35–40 HP श्रेणी पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, मिट्टी कठोर होने या उपकरण बड़ा होने पर ज्यादा पावर की जरूरत पड़ सकती है।
35–40 HP श्रेणी के लोकप्रिय मॉडलों में ये शामिल हैं:
मध्यम आकार के खेतों में रोटावेटर और कल्टीवेटर का नियमित इस्तेमाल करने वाले किसानों के लिए 40–50 HP श्रेणी ज्यादा उपयोगी हो सकती है। इस रेंज के कई ट्रैक्टर खेत की तैयारी के साथ बुवाई, PTO आधारित उपकरण और ढुलाई जैसे कामों में भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
हालांकि, ट्रैक्टर खरीदने से पहले खेत का रकबा, मिट्टी का प्रकार, मुख्य फसल, इस्तेमाल होने वाले उपकरण, सालाना उपयोग और बजट को ध्यान में रखना चाहिए।
धान की कटाई के बाद खेत में ज्यादा पराली या ठूंठ होने पर ट्रैक्टर का चुनाव और अहम हो जाता है। भारी रोटावेटर या ज्यादा पावर मांगने वाले उपकरणों के लिए सिर्फ इंजन एचपी काफी नहीं है। ट्रैक्टर की पीटीओ पावर, हाइड्रोलिक लिफ्ट क्षमता, टायर और उपकरण की तय क्षमता जरूरत का भी मिलान करें।
गीली, भारी या कठोर मिट्टी में एक ही उपकरण चलाने के लिए ज्यादा ट्रैक्शन और पावर की जरूरत पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में उपकरण निर्माता की सुझाई गई पावर रेंज के अनुसार 2WD और 4WD में से उपयुक्त ट्रैक्टर चुनना बेहतर रहेगा।
सामान्य और अपेक्षाकृत समतल या मैदानी क्षेत्रों के खेतों के लिए 2WD ट्रैक्टर कई कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त हो सकता है। वहीं, गीली मिट्टी या ऐसी जगह, जहां पहियों के फिसलने की संभावना ज्यादा हो, वहां 4WD वेरिएंट अतिरिक्त ट्रैक्शन देने में मदद कर सकता है। अंतिम चुनाव खेत की असली स्थिति, मिट्टी, उपकरण और बजट के आधार पर करें।
रबी सीजन में सामान्य खेत तैयारी के लिए 35–50 HP श्रेणी के ट्रैक्टर कई किसानों की जरूरत पूरी कर सकते हैं। छोटे और हल्के उपकरणों के लिए 35 एचपी से 40 एचपी सेगमेंट पर विचार किया जा सकता है। वहीं, भारी रोटावेटर, कल्टीवेटर और MB हल जैसे उपकरणों के नियमित इस्तेमाल के लिए 40 से 50 एचपी या इससे ज्यादा श्रेणी के मॉडल उपयोगी हो सकते हैं। इसके अलावा, ज्यादा भारी या बड़े उपकरणों और कमर्शियल ट्रॉली परिवहन के लिए इससे ज्यादा पावर की जरूरत भी पड़ सकती है।
इसलिए ट्रैक्टर खरीदने से पहले अपने खेत के आकार के साथ मिट्टी की स्थिति, फसल का प्रकार, जरूरी PTO पावर, हाइड्रोलिक लिफ्ट और सबसे भारी उपकरण की सुझाई गई HP क्षमता जरूर जांच लें। सोच-समझकर लिया गया फैसला रबी सीजन के खेती कार्यों में तेजी ला सकता है और कम लागत में फसल पैदावार व मुनाफा बढ़ाने में मदद कर सकता है। अपनी जरूरत के अनुसार 40–50 HP और 35–40 HP श्रेणी के लोकप्रिय मॉडलों की तुलना करके अपने लिए सही विकल्प चुनें।
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