MP में ₹2,387 करोड़ की सिंचाई परियोजना, 72 हजार किसानों को फायदा
मध्य प्रदेश में 2,387 करोड़ की सिंचाई परियोजना शुरू, 72 हजार किसानों को मिलेगा फायदा
नर्मदा के पानी से 260 गांवों के खेतों को मिलेगी सिंचाई की सुविधा
मध्य प्रदेश के धार और झाबुआ जिले के किसानों के लिए अच्छी खबर है। यहां 2,387.60 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का लोकार्पण किया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य किसानों के खेतों तक नर्मदा का पानी पहुंचाना है।
इस परियोजना से दोनों जिलों के 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इससे करीब 72 हजार किसानों को फायदा होगा और उन्हें फसलों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि के लिए लगातार काम कर रही है। किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस तरह की परियोजनाओं से खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
नर्मदा के पानी से 260 गांवों के खेतों को मिलेगी सिंचाई सुविधा
नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर सिंचाई परियोजना के तहत नर्मदा नदी का पानी माही नदी में छोड़ा जाएगा। इसके लिए धार जिले की कुक्षी तहसील के चंदनखेड़ी गांव से नर्मदा नदी का 186.62 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी उठाने की योजना है। इस परियोजना को चलाने के लिए 102.30 मेगावाट बिजली की जरूरत होगी। इस परियोजना से धार और झाबुआ जिले के कुल 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इसमें धार जिले की सरदारपुर तहसील के 66 गांवों की 25,422 हेक्टेयर जमीन शामिल है। वहीं, झाबुआ जिले के 194 गांवों की 32,000 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। झाबुआ जिले में इस परियोजना से अलग-अलग तहसीलों के किसानों को फायदा होगा। इनमें झाबुआ तहसील के 108 गांवों की 17,802 हेक्टेयर, पेटलावद के 6 गांवों की 1,502 हेक्टेयर, मेघनगर के 28 गांवों की 5,504 हेक्टेयर, थांदला के 39 गांवों की 5,927 हेक्टेयर, रामा के 12 गांवों की 1,185 हेक्टेयर और राणापुर के एक गांव की 80 हेक्टेयर जमीन शामिल है। इससे इन क्षेत्रों के किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा।
भूमिगत पाइप से खेतों तक पहुंचेगा पानी, ड्रिप और स्प्रिंकलर से होगी सिंचाई
इस परियोजना के तहत भूमिगत पाइपों के जरिए किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा। इसके लिए 2.5 हेक्टेयर तक के खेतों के समूह (चक) में 20 मीटर दबाव के साथ पानी पहुंचाने की व्यवस्था होगी। इसके बाद किसान स्प्रिंकलर या ड्रिप सिंचाई प्रणाली की मदद से फसलों को पानी दे सकेंगे। इस व्यवस्था से खेतों को समतल कराने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही, कम पानी में सिंचाई करना आसान होगा और पानी का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे फसलों की पैदावार बढ़ने की भी उम्मीद है।
धार-झाबुआ में रोजगार के बढ़ेंगे अवसर, किसानों को भी मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में सड़क, रेल और हवाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। धार जिले को रेलवे लाइन की सुविधा भी मिल चुकी है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर धार में पीएम मित्र पार्क की शुरुआत की थी। इस पार्क से निमाड़-मालवा क्षेत्र के करीब 6 लाख कपास किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है। यहां कपास से धागा, धागे से कपड़ा और कपड़े से रेडीमेड कपड़े तैयार किए जाएंगे। यहां बने कपड़े दूसरे देशों में भी भेजे जाएंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, पीएम मित्र पार्क से प्रदेश में करीब 3 लाख लोगों को रोजगार मिलने के अवसर बनेंगे। इससे धार और झाबुआ के युवाओं, किसानों और महिलाओं को अपने क्षेत्र में ही काम मिल सकेगा। इससे रोजगार के लिए दूसरे शहरों में जाने की मजबूरी भी कम हो सकती है।
धार को 2,400 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि धार जिले में करीब 2,400 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए जा रहे हैं। इनमें सिंचाई परियोजना के साथ 25 करोड़ रुपये की लागत से बने चार पुलों का लोकार्पण, 15 करोड़ रुपये की लागत से स्कूल भवन और 50 बिस्तरों वाले अस्पताल सहित अन्य काम शामिल हैं। इसके अलावा, 188 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले 35 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन किया जा रहा है। इनमें कन्या विद्यालय भवन, आईटीआई भवन और अमका-झमका माता मंदिर का विकास शामिल है। अमका-झमका माता मंदिर के विकास पर 3 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई परियोजना में जिन गांवों को अभी शामिल नहीं किया गया है, उन्हें भी जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि धार में जल्द ही मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा। साथ ही, क्षेत्र के प्रसिद्ध भगोरिया पर्व को राष्ट्रीय उत्सव का दर्जा दिया गया है।
किसानों को डेयरी शुरू करने पर मिलेगा 10 लाख रुपये का अनुदान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों और लाड़ली बहनों को आर्थिक सहायता मिलती रहेगी। किसान कल्याण वर्ष के तहत किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए भी एक नई योजना शुरू की है। इस योजना के तहत अगर किसान 25 गाय या भैंस खरीदकर डेयरी शुरू करते हैं, तो उन्हें सरकार की ओर से 10 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी और किसानों की आमदनी में भी सुधार होगा। इसके अलावा, राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा शुरू की है। इससे त्योहारों के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत 50 लाख मकानों की मुफ्त रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे ग्रामीण लोगों को अपने मकान और जमीन के कानूनी दस्तावेज मिल सकेंगे। इन दस्तावेजों के आधार पर वे बैंक या अन्य वित्तीय संस्थानों से कर्ज लेने के लिए भी पात्र बन सकेंगे।
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