फसल प्रभावित किसानों को मिलेगा अनुदान, 5 मई तक करें आवेदन
Bihar Krishi Input Anudan Yojana: बिहार में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और आंधी-तूफान से फसल गंवाने वाले किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने 13 जिलों के प्रभावित किसानों के लिए 'कृषि इनपुट अनुदान योजना' के तहत सहायता राशि देने का एलान किया है। अगर आपकी भी गेहूं, आम या लीची की फसल को नुकसान पहुंचा है, तो आप 5 मई 2026 तक इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
13 जिलों के 1484 पंचायतों को मिलेगा लाभ
कृषि विभाग के सर्वे के अनुसार, मार्च के अंतिम हफ्तों में आए प्राकृतिक बदलावों ने भारी तबाही मचाई थी। सरकार ने इस योजना के तहत 13 जिलों के 88 प्रखंडों और 1484 पंचायतों को चयनित किया है।
इन जिलों के किसान हैं पात्र: सहरसा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, अररिया, बेगूसराय, मधुबनी, पूर्णिया, खगड़िया, किशनगंज, मधेपुरा, दरभंगा, सुपौल और भागलपुर।
कितनी मिलेगी सहायता राशि? (Subsidy Details)
सरकार ने नुकसान की गंभीरता और जमीन के प्रकार के आधार पर अनुदान राशि तय की है:
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फसल का प्रकार |
न्यूनतम सहायता |
अधिकतम सहायता (प्रति हेक्टेयर) |
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असिंचित क्षेत्र (वर्षा आधारित) |
₹1,000 |
₹8,500 |
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सिंचित क्षेत्र |
₹2,000 |
₹17,000 |
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बहुवर्षीय फसलें (गन्ना आदि) |
₹2,500 |
₹22,500 |
नोट: सहायता राशि सीधे किसानों के आधार से जुड़े बैंक खाते (DBT) में भेजी जाएगी ताकि पूरी पारदर्शिता बनी रहे।
आवेदन के लिए जरूरी शर्तें और पात्रता
- रैयत और गैर-रैयत: योजना का लाभ पंजीकृत रैयत (जमीन मालिक) और गैर-रैयत (बटाईदार) दोनों तरह के किसानों को मिलेगा।
- परिवार आधारित लाभ: सहायता राशि किसान और उसके परिवार की कुल जोत के आधार पर दी जाएगी।
- अनिवार्य दस्तावेज: आवेदन के समय आधार सत्यापन (Aadhaar Verification) और परिवार की पूरी जानकारी देना अनिवार्य है। गलत जानकारी देने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है।
ऐसे करें आवेदन – ऑनलाइन प्रक्रिया
किसान आसानी से ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं:
- बिहार कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- 'कृषि इनपुट अनुदान योजना' लिंक पर क्लिक करें।
- आधार संख्या, पंजीकृत मोबाइल नंबर, बैंक खाता विवरण, भूमि स्वामित्व दस्तावेज अपलोड करें।
- फसल क्षति के डिजिटल फोटो/सर्वे रिपोर्ट (यदि उपलब्ध हो) जमा करें।
- फॉर्म सबमिट करें और आवेदन का प्रिंटआउट सुरक्षित रखें।
महत्वपूर्ण: गलत जानकारी देने पर आवेदन तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर
किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए किसान टोल-फ्री नंबर 18001801551 पर संपर्क कर सकते हैं। साथ ही, संबंधित जिले के कृषि कार्यालय या प्रखंड कृषि पदाधिकारी से भी संपर्क किया जा सकता है।
क्यों जरूरी है यह अनुदान?
- मार्च के तीसरे-चौथे सप्ताह में गेहूं की फसल लटक गई, आम-लीची के बागान टूट गए।
- किसान अगली फसल (खरीफ) की तैयारी के लिए बीज, उर्वरक, कीटनाशक नहीं खरीद पा रहे थे।
- यह अनुदान उन्हें नई फसल लगाने लायक बनाएगा और खेती का चक्र बनाए रखेगा।
सरकार का निर्देश: समय पर करें आवेदन
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 5 मई 2026 के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। पात्र किसान जल्द से जल्द अपने आवेदन पूर्ण करें और साथ ही अपने पड़ोसी किसानों को भी इस योजना की जानकारी दें।
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