फसल बीमा योजना 2026: अब कटी फसल बर्बाद होने पर सरकार से मुआवजा
फसल कटने के बाद 2 हफ्ते तक रहता है बीमा कवर, जानें सरकार किन परिस्थितियों में देती है मुआवजा लाभ
मार्च 2026 में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा समेत देश के कई राज्यों में खड़ी रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। खासकर कटाई के बाद खेत में सूखने के लिए रखी फसलें ज्यादा प्रभावित हुई हैं। अब राज्य के प्रभावित किसानों के लिए राहत की खबर है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत अब उन फसलों पर भी बीमा क्लेम (मुआवजा) मिल सकेगा, जो कटाई के बाद खेत में सूखने के लिए रखी थीं और बारिश, ओलावृष्टि या चक्रवाती तूफान से खराब हो गईं। इसमें ध्यान देने वाली बात यह है कि किसानों को फसल नुकसान की जानकारी 72 घंटे के अंदर संबंधित बीमा कंपनी या कृषि विभाग को देना जरूरी है, तभी वे इस योजना के तहत बीमा क्लेम का लाभ उठा पाएंगे।
आइए इस लेख में जानते हैं कि किन परिस्थितियों में सरकार नुकसान मुआवजा देती है और किसान इसे कैसे प्राप्त कर सकते हैं।
14 दिनों के 'पोस्ट-हार्वेस्ट लॉस' कवर का नियम और क्लेम पाने का तरीका (14-day 'Post-Harvest Loss' cover rules and claim procedure)
कृषि विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, अगर फसल की कटाई हो चुकी है और उपज को सुखाने के लिए खेत में रखा गया है, तो कटाई के बाद अधिकतम 14 दिनों की अवधि तक बीमा कवरेज लागू रहता है। इस बीच यदि बेमौसम बारिश या अन्य किसी प्राकृतिक आपदा के चलते फसल बर्बाद होती है, तो इसके लिए किसान व्यक्तिगत आधार पर 'पोस्ट-हार्वेस्ट लॉस' यानी फसल कटाई के बाद की हानि की भरपाई (Claim) पाने के हकदार हैं।
मुआवजे के लिए 72 घंटे की समय सीमा में सूचना देना अनिवार्य (It is mandatory to inform within 72 hours for compensation)
जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (PMFBY) के तहत इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए बीमित किसानों को फसल नुकसान की जानकारी 72 घंटे के अंदर संबंधित बीमा कंपनी या राज्य कृषि विभाग को देना अनिवार्य है। कृषि रक्षक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 14447, संबंधित बीमा कंपनी, नजदीकी कृषि कार्यालय या बैंक के माध्यम से भी प्रभावित किसान यह सूचना दर्ज करा सकते हैं।
क्लेम के लिए तुरंत सर्वे कराने के निर्देश (Instructions for immediate survey for claim)
कृषि विभाग ने संबंधित सभी बीमा कंपनियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि फसल नुकसान की सूचना मिलते ही तत्काल प्रभाव से क्षेत्र सर्वेक्षण (फील्ड सर्वे) करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। इसका मुख्य उद्देश्य नुकसान का सटीक आकलन करना है, जिससे प्रभावित हुए किसानों को बिना किसी देरी के बीम क्लेम (मुआवजे) का भुगतान किया जा सके। इसके अलावा विभागीय अधिकारियों को भी आदेश दिए गए हैं कि वे स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करें, ताकि किसानों को सरकार की ओर से हर संभव मदद मिल सके।
तेज हवाओं और बारिश का खतरा बरकरार (The threat of strong winds and rain remains)
इसके अलावा, सक्रिय और दुर्लभ पश्चिमी विक्षोभ के कारण अभी भी देश के कई राज्यों में मौसम तेजी से बदल रहा है। कहीं आंधी, ओलावृष्टि और भारी बारिश हो रही है, तो कहीं गर्मी बढ़ने लगी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग - IMD के अनुसार, बारिश और तूफान का असर अभी कुछ दिनों तक जारी रह सकता है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ाने वाली हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 22 से 26 मार्च के बीच यूपी, बिहार और दिल्ली समेत 13 राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाएं और बारिश देखने को मिल सकती है, ऐसे में लोगों और खासकर किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है।
अगले 24 घंटे यानी 23 मार्च को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी है और साथ में 30–50 किमी प्रति घंटे की स्पीड से आंधी भी चलेगी। वहीं, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 24 से 28 मार्च के बीच बारिश और रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है। इस दौरान किसानों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
मुआवजा पाने के नियम की महत्वपूर्ण जानकारी (एक नजर में) (Important information about the rules for getting compensation (at a glance))
| मुख्य बातें | विवरण |
| बीमा कवरेज की समय सीमा | फसल कटाई के बाद अधिकतम 14 दिनों तक। |
| नुकसान की स्थिति | फसल खेत में सूखने के लिए 'कट एंड स्प्रेड' (काटकर फैलाई हुई) स्थिति में होनी चाहिए। |
| कवर किए गए जोखिम | बारिश, बेमौसम वर्षा, ओलावृष्टि, चक्रवात और चक्रवाती तुफान । |
| सूचना देने की अवधि | फसल नुकसान होने के 72 घंटे के भीतर सूचना देना अनिवार्य। |
| कहां करें शिकायत | फसल बीमा ऐप, टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14447, संबंधित बीमा कंपनी, नजदीकी कृषि कार्यालय या बैंक |
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