हरियाणा के किसानों को बड़ी राहत! सत्यापन अटका तो भी मंडी में बिकेगा धान
हरियाणा में धान सत्यापन न होने पर भी जारी रहेगी खरीद, मंडी में ही होगा समाधान
मंडी में ही होगा धान सत्यापन और खरीद का काम
हरियाणा सरकार ने धान बेचने के लिए मंडियों में पहुंच रहे किसानों को राहत दी है। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि धान के सत्यापन में आने वाली समस्याओं को मंडी में ही दूर किया जाए, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी न हो।
सरकार ने सभी मार्केट कमेटियों के सचिवों को निर्देश दिए हैं कि ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ (MFM B) पोर्टल पर पंजीकृत जिन किसानों के धान का सत्यापन किसी कारण से नहीं हो पाया है, उनकी समस्या का तुरंत समाधान किया जाए। इसके लिए राजस्व विभाग से संपर्क कर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। इससे मंडी में धान लेकर पहुंच चुके किसानों को खरीद के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रवक्ता के अनुसार, हरियाणा की मंडियों और खरीद केंद्रों पर 29 सितंबर 2026 से खरीफ खरीद सीजन जारी है। सरकार ने धान की खरीद, मंडियों से फसल का उठान और किसानों को भुगतान की प्रक्रिया सुचारू रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
हरियाणा की मंडियों में 30 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान की आवक
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में इस सीजन में करीब 60.67 लाख मीट्रिक टन गैर-बासमती धान के उत्पादन का अनुमान है। 21 अक्टूबर 2026 तक राज्य की मंडियों में लगभग 30.26 लाख मीट्रिक टन धान पहुंच चुका है। यह केंद्र सरकार के 58 लाख मीट्रिक टन धान खरीद लक्ष्य का करीब 52% है। अब तक मंडियों में पहुंची फसल में से लगभग 24.93 लाख मीट्रिक टन धान की सरकारी खरीद हो चुकी है। इससे पता चलता है कि मंडियों में आ रहे धान की खरीद लगातार जारी है।
मंडियों से 17.54 लाख मीट्रिक टन धान का उठान पूरा
हरियाणा की मंडियों में खरीदे गए धान को आगे पहुंचाने के लिए उठान का काम भी जारी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 17.54 लाख मीट्रिक टन धान मंडियों से उठाया जा चुका है। यह कुल खरीदे गए धान का करीब 70% है।
धान का समय पर उठान होने से मंडियों में जगह खाली होगी और किसानों की नई फसल की खरीद में आसानी होगी। सरकार ने धान की खरीद और उठान के साथ-साथ किसानों को समय पर भुगतान करने की व्यवस्था पर भी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
सत्यापन में देरी होने पर मंडी में ही होगा समाधान
- ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकरण और फसल का सत्यापन धान खरीद के लिए जरूरी हैं। लेकिन सत्यापन नहीं होने के कारण किसानों को मंडियों में परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने मौके पर ही राजस्व विभाग की मदद से सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं।
- सरकार ने मार्केट कमेटियों के सचिवों को ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करने और राजस्व विभाग से संपर्क करने को कहा है। इसके अलावा, खरीद, धान के उठान और किसानों को भुगतान की प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
- सरकार का उद्देश्य है कि सत्यापन में देरी के कारण पंजीकृत किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी न हो और खरीफ सीजन के दौरान मंडियों में धान की खरीद का काम सुचारू रूप से चलता रहे।
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