ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर: सही प्रेशर, नोजल और PTO स्पीड कैसे सेट करें?
ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर: जानें इस्तेमाल से पहले सही प्रेशर, नोजल और पीटीओ स्पीड कैसे सेट करें?
खेती में फसल को कीट, रोग और खरपतवार से बचाने के लिए समय पर आवश्यक कीटनाशक दवा और खरपतवार नियंत्रण रसायन का छिड़काव बेहद जरूरी होता है। बड़े खेतों में हाथ से चलने वाली स्प्रेयर या बैटरी ऑपरेटेड स्प्रे मशीन से छिड़काव करने में ज्यादा समय और श्रम लगता है। ऐसे में ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर किसानों के लिए तेज और सुविधाजनक विकल्प बन सकता है। इसे ट्रैक्टर के साथ जोड़कर खेत में एक समान तरीके से स्प्रे करने में मदद मिलती है।
लेकिन बेहतर परिणाम के लिए सिर्फ स्प्रेयर को ट्रैक्टर से जोड़ना पर्याप्त नहीं है। सही नोजल, स्प्रे प्रेशर, ट्रैक्टर की स्पीड, बूम की ऊंचाई और स्प्रेयर की कैलिब्रेशन का सही होना जरूरी है। गलत कैलिब्रेशन से खेत में कहीं ज्यादा और कहीं कम दवा पहुंच सकती है, जिससे लागत बढ़ने के साथ फसल को नुकसान और दवा के असर में कमी जैसी समस्या हो सकती है।
आइए, इस प्रैक्टिकल गाइड में जानते हैं कि ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर का इस्तेमाल करने से पहले सही प्रेशर, नोजल और PTO स्पीड कैसे सेट करें। साथ ही जानेंगे कि ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर क्या है और इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है।
क्या है ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर?
ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर एक कृषि उपकरण है, जिसे ट्रैक्टर के साथ जोड़कर खेत में तरल पदार्थ का छिड़काव किया जाता है। इसमें आमतौर पर टैंक, पंप, फिल्टर, पाइपलाइन, प्रेशर रेगुलेटर, नोजल और स्प्रे बूम जैसे जरूरी हिस्से होते हैं। स्प्रेयर का पंप ट्रैक्टर के पीटीओ शाफ्ट से जोड़कर या मॉडल के अनुसार दूसरे पावर सिस्टम से चल सकता है। बूम पर लगे कई नोजल एक साथ छिड़काव (स्प्रे) करते हैं, जिससे कम समय में बड़े क्षेत्र में आवश्यक कीटनाशक, खरपतवार नियंत्रण दवा या तरल पोषक तत्वों का छिड़काव किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल फसल की बुवाई के बाद पौधों की विकसित अवस्था में किया जाता है।
ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर इस्तेमाल करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
ट्रैक्टर माउंटेड बूम स्प्रेयर से कीटनाशक या खाद का स्प्रे (छिड़काव) शुरू करने से पहले मशीन की अच्छी तरह से जांच करना जरूरी है। यह छोटी-सी जांच फसल को सही पोषण देती है और दवा की बर्बादी रोकती है। इसलिए खेत में उतरने से पहले यह त्वरित चेकलिस्ट जरूर अपनाएं:
- नोजल और फिल्टर्स की जांच करें।
- जांचे करें कि सभी सभी नोजल साफ है या नहीं।
- अगर नोजल जाम है, तो प्लास्टिक ब्रश या पिन से जाम नोजल साफ कर खोलें।
- घिसे नोजल तुरंत बदलें।
- फिल्टर/स्क्रीन की सफाई करें।
- टैंक, पाइप और लीकेज चेकिंग करें।
- ट्रैक्टर, हाइड्रोलिक्स और PTO कनेक्शन की स्थिति देखें।
- टायरों में एयर प्रेशर की जांच करें और दोनों पिछले पहियों में समान हवा रखें।
- जांचे कि पीटीओ शाफ्ट ठीक से लॉक हो और स्मूथ घूमे।
- स्प्रेयर मशीन को ट्रैक्टर से सही तरीके से माउंट करें।
कैलिब्रेशन से पहले टैंक में थोड़ा सा साफ पानी भरकर एक से दो मिनट चलाएं, जिससे टैंक और पाइपलाइन से पुरानी गंदगी बाहर निकल जाए और नोजल, फिल्टर और वाल्व की जांच भी हो जाए। साथ ही, प्रेशर की रीडिंग का भी पता चल सके। दवा स्प्रे करने से पहले केवल 2 मिनट सादे पानी से किया गया ट्रायल सही प्रेशर और सही नोजल स्थिति का पता चल जाता है, जिससे 15-20% रसायन की बचत हो सकती है।
स्प्रेयर इस्तेमाल करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
ट्रैक्टर माउंटेड बूम स्प्रेयर से कीटनाशक या खाद का छिड़काव शुरू करने से पहले मशीन की अच्छी तरह जांच कर लेना जरूरी है। खेत में जाने से पहले की गई यह छोटी-सी जांच दवा की बर्बादी रोकने और सही तरीके से छिड़काव करने में मदद करती है। स्प्रेयर चलाने से पहले करें ये जरूरी जांच:
- सभी नोजल साफ हैं या नहीं, यह जरूर देखें।
- अगर कोई नोजल जाम है, तो उसे प्लास्टिक ब्रश या पिन से साफ करें।
- खराब या घिसे हुए नोजल को तुरंत बदल दें।
- फिल्टर और स्क्रीन की अच्छी तरह सफाई कर लें।
- टैंक, पाइप और कनेक्शन में किसी तरह का लीकेज तो नहीं है, यह देखें।
- ट्रैक्टर, हाइड्रोलिक्स और PTO कनेक्शन की स्थिति सही होनी चाहिए।
- ट्रैक्टर के दोनों पिछले पहियों में समान एयर प्रेशर रखें।
- PTO शाफ्ट सही तरीके से लॉक है और ठीक से घूम रहा है या नहीं, यह जरूर जांचें।
- स्प्रेयर मशीन को ट्रैक्टर से अच्छी तरह और सुरक्षित तरीके से माउंट (जोड़ें) करें ।
कैलिब्रेशन से पहले टैंक में थोड़ा साफ पानी भरकर 1 से 2 मिनट तक स्प्रेयर चलाएं। इससे टैंक और पाइपलाइन में मौजूद पुरानी गंदगी बाहर निकल जाएगी। साथ ही, नोजल, फिल्टर और वाल्व की स्थिति जांचने के साथ प्रेशर रीडिंग का भी पता चल जाएगा।
ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर इस्तेमाल करने का आसान तरीका: स्टेप-बाय-स्टेप
माउंटेड स्प्रेयर को ट्रैक्टर से सही तरीके से जोड़ें
स्प्रेयर को ट्रैक्टर के थ्री-पॉइंट लिंकेज से निर्माता कंपनी के निर्देश के अनुसार जोड़ें। यदि मॉडल पीटीओ से संचालित होता है, तो पीटीओ (PTO) शाफ्ट को सुरक्षित तरीके से अटैचमेंट करें। सभी लॉकिंग पिन और कनेक्शन अच्छी तरह जांच लें। स्प्रेयर को जोड़ने या उसकी मरम्मत करते समय इंजन बंद रखें और पीटीओ को डिस्कनेक्ट या पावर सप्लाई बंद रखें।
स्प्रे शुरू करने से पहले टैंक में साफ पानी भरकर ट्रायल करें
सीधे कीटनाशक या खरपतवारनाशी डालकर टेस्ट न करें। स्प्रे शुरु करने से पहले टैंक में साफ पानी डालकर मशीन करीब 2 मिनट तक चलाकर देखें। इससे पाइपलाइन, नोजल, पंप और प्रेशर सिस्टम में किसी लीकेज या खराबी का पता चल जाता है। कैलिब्रेशन भी पानी से ही करना बेहतर रहता है, जिससे 15-20% तक रसायन की बचत हो सकती है।
सही नोजल का चुनाव करें
स्प्रेयर का सबसे जरूरी हिस्सा नोजल है। अलग-अलग दवाओं और फसलों के लिए नोजल का चुनाव लेबल और निर्माता की सिफारिश के अनुसार ही करें। नोजल में थोड़ी भी रुकावट या घिसाव होने पर स्प्रे की मात्रा असमान हो सकती है, इसलिए नोजल का आउटपुट नियमित जांचते रहें। महत्वपूर्ण सुझाव— बंद नोजल को साफ करने के लिए तार या कील का इस्तेमाल न करें, इससे नोजल का ओरिफिस खराब हो सकता है। नोजल को साफ करने के लिए मुलायम ब्रश या निर्माता की सुझाई सफाई विधि ही अपनाएं।
बूम की ऊंचाई सही रखें
बूम की ऊंचाई ज्यादा होने पर स्प्रे ड्रिफ्ट बढ़ सकता है, वहीं बहुत कम ऊंचाई पर स्प्रे पैटर्न असमान हो सकता है। इसलिए बूम की ऊंचाई नोजल के प्रकार, स्प्रे एंगल और निर्माता की सिफारिश के मुताबिक ही सेट करें और समान कवरेज के लिए इसे खेत की सतह के समानांतर रखें। खरपतवारनाशी के छिड़काव में ड्रिफ्ट कम करने के लिए बूम को फसल की कैनोपी के करीब रखना उपयोगी हो सकता है।
स्प्रे प्रेशर सही सेट करें
ज्यादा प्रेशर का मतलब हमेशा बेहतर स्प्रे नहीं होता। इससे बूंदें छोटी होकर ड्रिफ्ट बढ़ सकता है। इसलिए नोजल निर्माता की तय प्रेशर रेंज में ही काम करें। प्रेशर बदलने पर दोबारा कैलिब्रेशन जरूर करें। क्योंकि स्प्रे की मात्रा में असमानता आ सकती है।
ट्रैक्टर की स्पीड एक जैसी रखें
स्प्रे करते समय ट्रैक्टर की स्पीड बार-बार बदलने से प्रति एकड़ दवा की मात्रा में अंतर आ सकता है। कैलिब्रेशन के दौरान जिस गियर, आरपीएम और स्पीड पर मशीन सेट की गई थी, वास्तविक स्प्रे के समय भी उसी के आसपास काम करें। निर्माता ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर की कैलिब्रेशन में निर्धारित दूरी तय करने के लिए स्थिर गति और समान इंजन आरपीएम नोट करने का सुझाव देते हैं।
ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर की कैलिब्रेशन कैसे करें?
कैलिब्रेशन का मकसद यह पता लगाना है कि स्प्रेयर एक तय क्षेत्र में कितनी मात्रा में पानी या स्प्रे घोल डाल रहा है। नीचे बताए गए कुछ आसान चरणों से आप अपने स्प्रेयर को सही तरीके से कैलिब्रेट कर सकते हैं।
- एक निश्चित दूरी तय करें (पहला स्टेप) : खेत जैसी सामान्य परिस्थितियों वाली जगह पर एक निश्चित दूरी चिह्नित करें।
- समय नोट करें (दूसरा स्टेप): टैंक में साफ पानी भरें और उसी गियर व आरपीएम पर वह दूरी तय करने में लगने वाला समय नोट करें।
- नोजल का आउटपुट मापें (तीसरा स्टेप): अब मशीन को उसी प्रेशर पर चलाएं और हर नोजल से निकलने वाले पानी की मात्रा को अलग-अलग मापें।
- सभी नोजल के आउटपुट की तुलना करें (चौथा स्टेप): सभी नोजल के आउटपुट को आपस में मिलाकर देखें कि कहीं कोई नोजल बाकी से अलग तो नहीं है।
- जरूरत पड़ने पर नोजल बदलें (पांचवां स्टेप): अगर किसी नोजल का आउटपुट बाकी नोजल से काफी अलग है, तो उसे साफ करें या जरूरत पड़ने पर नया नोजल लगाएं।
- सेटिंग एडजस्ट करें (छठा स्टेप): तय एप्लीकेशन रेट के अनुसार स्पीड, प्रेशर या नोजल के चुनाव को एडजस्ट करें।
ध्यान रखने वाली जरूरी बात: स्प्रेयर की कैलिब्रेशन में सभी नोजल का आउटपुट एक जैसा होना बहुत जरूरी है। अगर किसी नोजल का आउटपुट उसकी तय क्षमता से 10% से ज्यादा अलग है या सभी नोजल के औसत से 5% से ज्यादा ऊपर-नीचे है, तो उस नोजल को बदलने पर विचार करना चाहिए।
खेत में स्प्रे करते समय किन बातों का रखें ध्यान?
स्प्रे करते समय सिर्फ मशीन की सेटिंग नहीं, बल्कि मौसम की स्थिति पर भी ध्यान देना जरूरी है।
- तेज हवा में स्प्रे करने से बचें: स्प्रे से पहले और दौरान हवा की स्थिति पर नजर रखें और उत्पाद के लेबल पर दिए निर्देशों का पालन करें। हवा ज्यादा बढ़ने या दिशा बदलने पर छिड़काव रोक देना ही बेहतर रहता है।
- बारिश से पहले स्प्रे न करें: अगर दवा के लेबल पर अलग निर्देश न हों, तो बारिश की संभावना वाले समय में छिड़काव करने से बचें। बारिश से दवा फसल पर पर्याप्त समय तक टिक नहीं पाती और इसका असर कम हो सकता है।
- बहुत गर्म मौसम में सावधानी रखें: ज्यादा तापमान में कुछ कृषि रसायन फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए उत्पाद के लेबल पर दिए तापमान और मौसम संबंधी निर्देशों को प्राथमिकता दें।
स्प्रे के बाद स्प्रेयर मशीन की सफाई कैसे करें?
काम खत्म होने के बाद मशीन को साफ करना भी उतना ही जरूरी है, जितना स्प्रे से पहले उसकी जांच करना। इसलिए किसान इन बातों का ध्यान रखें:
- टैंक को साफ पानी से अच्छी तरह साफ करें
- पाइपलाइन और नोजल को फ्लश करें
- फिल्टर और स्क्रीन साफ करें
- नोजल में जमा अवशेष हटाएं
- बाहर लगे रसायन के अवशेष धोएं
- लीकेज या खराब हिस्सों की जांच करें
- मशीन को सूखी और सुरक्षित जगह पर रखें
निष्कर्ष
ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर बड़े खेतों में कम समय में समान तरीके से दवा और पोषक तत्वों का छिड़काव करने के लिए एक बेहद उपयोगी कृषि उपकरण है। लेकिन इसका सही फायदा तभी ही मिलता है, जब नोजल, प्रेशर, बूम की ऊंचाई और ट्रैक्टर की स्पीड को सही तरीके से सेट किया जाए।
दवा का स्प्रे शुरू करने से पहले किसानों को साफ पानी से टेस्ट और कैलिब्रेशन, नोजल की जांच और मशीन की लीकेज जांच जरूर करनी चाहिए। साथ ही मौसम, हवा की दिशा और कृषि रसायन के लेबल निर्देशों का भी ध्यान रखना जरूरी है।
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