किसानों को बिना ब्याज मिलेगा 3 लाख रुपए तक का अल्पकालीन ऋण
सरकार उद्यानिकी किसानों को देगी ब्याज मुक्त ऋण, जानें पूरी खबर
कृषि क्षेत्र में किसानों की क्रेडिट जरूरतों का पूरा करने के लिए सरकार विभिन्न प्रकार की योजनाएं चला रही है। जिसके माध्यम से किसानों को कृषि क्षेत्र से जुड़े बुवाई, निराई-गुडाई, कटाई, भंड़ारण एवं खाद, बीज, कीटनाशक आदि कृषि सामग्री की खरीद के लिए कृषि लोन उचित दरों पर उपलब्ध कराना भी शामिल है। इसके लिए सरकार किसानों को कृषि कार्यों के लिए बैंक से लोन लेने पर अतिरिक्त ब्याज अनुदान देती है। इस कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सन 2022-23 में किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के किसानों के हित में निर्णय लेते हुए किसानों को दिए जाने वाले इस ब्याज अनुदान योजना का विस्तार कर दिया गया है। किसानों को लोन के रूप में अल्पकालिक (थोड़े समय के लिए) दिया जाने वाला लोन ब्याज मुक्त होगा। किसानों को लोन पर लगने वाले ब्याज में छूट भी दी जाती है, जिससे किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण मिलना संभव हो पाता है। उद्यानिकी किसानों को 3 लाख रूपए तक की सीमा तक अल्पकालीन ऋण ब्याज मुक्त होगा। मत्स्य पालकों, मत्स्य समूहों एवं मत्स्य समितियों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान दिय जाएगा। अब राज्य में उद्यानिकी फसलों की खेती करने वाले किसानों के अतिरिक्त मत्स्य पालन करने वाले किसान भी ब्याज मुक्त ऋण योजना का लाभ ले सकते हैं।
अब इन किसानों को भी मिलेंगे ब्याज मुक्त़ अल्पकालीन लोन
छत्तीसगढ़ के किसानों, पशुपालकों और मछुआरों की आय डबल करने एवं उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा अल्पकालिक ब्याज मुक्त ऋण योजना को शुरू किया गया था। यह योजना किसानों को लोन के रूप में अल्पकालिक (थोड़े समय के लिए) इस तरह के लोन की आसान पहुंच और कम ब्याज दर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कृषि, मछली पालन और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में किसानों की क्रेडिट जरूरतों को बिना किसी गड़बड़ी के पूरा किया जा सके। राज्य सरकार द्वारा मछली पालन को भी कृषि का दर्जा दे दिया गया है जिसके बाद मछली पालन विभाग द्वारा 2 अगस्त 2021 को जारी आदेश के अनुसार मत्स्य पालकों, मत्स्य समूहों व संगठनों को अल्पकालीन कृषि ऋण पर ब्याज अनुदान दिया जाएगा। इस आशय की अधिसूचना का प्रकाशन भी 14 सितम्बर राजपत्र में कर दिया गया है। संशोधन को लेकर जारी अधिसूचना के अनुसार किसानों को प्रभारित ब्याज दर में से प्रभावशील ब्याज दर घटानें के साथ शेष राशि की प्रतिपूर्ति भी अनुदान के रूप में राज्य शासन द्वारा सहकारी बैंकों एवं समितियों को की जाएगी।
बिना किसी ब्याज के 3 लाख रुपए तक का अल्पकालीन लोन
छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में किसानों को बिना किसी ब्याज के अल्पकालीन लोन पहले से ही किसानों को उपलब्ध कराती आ रही है। हाल ही में इस योजना का विस्तार भी किया गया है ताकि मछली पालन और उद्यानिकी फसलों की खेती करने वाले किसानों को भी इस का लाभ मिल सके। पिछले महीने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई जिसमें किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उद्यानिकी कृषकों एवं मत्स्य पालकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा लिए गए निर्णय के परिपालन में सहकारिता विभाग द्वारा सहकारी ऋण पर ब्याज अनुदान नियम 2021 में संशोधन के लिए जारी अधिसूचना का प्रकाशन राजपत्र में किया गया है। इसके बाद उद्यानिकी फसलों की खेती करने वाले किसानों के अतिरिक्त मत्स्य पालन करने वाले किसान भी 3 लाख तक का ब्याज मुक्त अल्पकालीन लोन ले सकते हैं। यानि उद्यानिकी किसानों के लिए 3 लाख रूपए तक की सीमा का यह अल्पकालीन लोन ब्याज मुक्त होगा। इसके अलावा मत्स्य पालकों, मत्स्य समूहों एवं मत्स्य समितियों को इस अल्पकालीन लोन पर ब्याज अनुदान मिलेंगा।
सरकार की ओर से किसानों के हित में लिए गए निर्णय
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय किसान हित में लिए गए। राज्य में उद्यानिकी कृषकों एवं मत्स्य पालकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा लिए गए निर्णय के परिपालन में सहकारिता विभाग द्वारा सहकारी ऋण पर ब्याज अनुदान नियम 2021 में संशोधन के लिए जारी अधिसूचना का प्रकाशन राजपत्र में किया गया है।
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राज्य में मछली पालन को भी कृषि का दर्जा दे दिया गया है, जिसके बाद मछली पालन विभाग द्वारा 2 अगस्त 2021 को जारी आदेश के अनुसार मत्स्य पालकों, मत्स्य समूहों व संगठनों को अल्पकालीन कृषि ऋण पर ब्याज अनुदान दिया जायेगा।
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सरकार द्वारा अधिसूचना का प्रकाशन भी 14 सितम्बर को राजपत्र में कर दिया गया है।
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अधिसूचना के अनुसार किसानों को प्रभारित ब्याज दर में से प्रभावशील ब्याज दर घटानें के साथ शेष राशि की प्रतिपूर्ति भी अनुदान के रूप में राज्य शासन द्वारा सहकारी बैंकों एवं समितियों को की जाएगी।
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उद्यानिकी कृषकों 3 लाख रूपए तक का अल्पकालीन ऋण ब्याज मुक्त होगा।
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राज्य में कृषि और उससे संबंधित उद्यानिकी, मछलीपालन, पशुपालन आदि संबद्ध विभागों की गतिविधियों को एक स्थान से संचालित करने के लिए नवा रायपुर में कृषि भवन के निर्माण का निर्णय लिया गया।
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कृषि भवन निर्माण के लिए नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर 19 में 3.14 एकड़ भूमि चिंह्नाकित की गई है।
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लघु जल विद्युत परियोजना की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए विभागीय नीति-2012 में वृद्धि के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
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वर्तमान में 25 मेगावाट क्षमता के लघु जल विद्युत परियोजना की स्थापना हेतु जारी अधिसूचना जिसकी अवधि फरवरी 2022 में समाप्त हो चुकी है, में 10 वर्ष की वृद्धि करने का निर्णय लिया गया।
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प्रधानमंत्री कुसुम योजना के कम्पोनेन्ट-सी अंतर्गत कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जीकृत किए जाने हेतु 810 मेगावॉट (डी.सी.)/675 मेगावॉट (ए.सी.) क्षमता के सोलर पॉवर प्लांट लगाने के विभागीय प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
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कृषि पंपों का सोलराइजेशन किए जाने से किसानों को कृषि पंपों के संचालन हेतु वर्तमान में प्राप्त हो रही बिजली के अतिरिक्त सौर ऊर्जा भी प्राप्त होगी।
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